'आदेश का पालन होना चाहिए', सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे-MLA के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर महाराष्ट्र स्पीकर को फटकारा
Sena vs Sena Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनका समर्थन करने वाले विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी के लिए महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर स्पीकर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तय कार्यक्रम करने में विफल रहता है तो उन्हें इसके लिए एक समयसीमा तय करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, ''हम इस अदालत की गरिमा बनाए रखने के बारे में चिंतित हैं। हमारे आदेशों का पालन किया जाना चाहिए।'' पीठ ने कहा, ''स्पीकर को अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करना चाहिए।'' कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर सोमवार को करेगी।

पीठ ने कहा कि अगर वह स्पीकर की समयसीमा से संतुष्ट नहीं है तो वह निर्देश देगी कि दो महीने के भीतर फैसला लिया जाए। पीठ ने कहा, ''जब भारत के संविधान के विपरीत कोई फैसला आता है तो इस अदालत के फैसलों को मानना चाहिए।''
सुप्रीम कोर्ट ने 18 सितंबर को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को सीएम एकनाथ शिंदे और अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले के लिए समयसीमा बताने का निर्देश दिया था।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर हाई कोर्ट के 11 मई के फैसले और उचित समय के भीतर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने के लिए स्पीकर को जारी निर्देश का भी उल्लेख किया था। पीठ ने स्पीकर से विधायकों के खिलाफ कार्यवाही के निपटारे के लिए एक कार्यक्रम निर्धारित करने को भी कहा था।
पीठ ने उस वक्त भी कहा था कि, स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की गरिमा का सम्मान करना होगा और उसके फैसले का पालन करना होगा।












Click it and Unblock the Notifications