'मैं और मेरा परिवार', Rupali Chakankar ने अशोक खरात से संबंधों पर तोड़ी चुप्पी, पैर धोते वायरल हुआ था वीडियो
Rupali Chakankar: महाराष्ट्र के नासिक के स्वयंभू ज्योतिषी 'अशोक खरात' मामले को लेकर कई दिनों से चर्चा गर्म है। इस प्रकरण में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं, और इसकी जांच फिलहाल SIT द्वारा की जा रही है। वहीं अब महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता रूपाली चाकणकर ने स्वयंभू 'बाबा' अशोक खरात से कथित संबंधों पर चुप्पी तोड़ी है।
गौरतलब है कि अशोक खरात, जिन पर यौन उत्पीड़न व धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं, फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में मनी लॉड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है और आरोपियों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी भी कर चुका है।

रूपाली की छिन गई महिला आयोग की कुर्सी
आशोक खरात को अरेस्ट किए जाने के बाद रूपाली का वीडियो ढोगी बाबा के साथ वायरल हुआ था जिसमें वो कहीं बाबा को छतरी लगाए नजर आईं थी और एक वीडियो में अशोक खरात के पैर धोते हुए नजर आईं थीं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर रूपाली को महिला आयोग के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। इसके बाद से लगातार रूपाली अशोक खरात को लेकर आरोप लग रहे हैं। जिस पर अब रूपाली ने चुप्पी तोड़ी है।
'मुझ पर मनगढ़ंत, निराधार आरोप लगाए जा रहे'
रूपाली चाकणकर ने कहा, पिछले 28 दिनों से उनके और उनके परिवार के खिलाफ मनगढ़ंत और गैर-जिम्मेदाराना आरोप लगाए जा रहे हैं। चाकणकर ने कहा कि आरोप लगाने वाले अभी तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं।
रूपाली ने लिखी ये पोस्ट
रूपाली चाकणकर ने अपने 'एक्स' पोस्ट में कहा कि पहले आरोपों के साथ सबूत भी पेश किए जाते थे। उन्होंने कहा, "पिछले 28 दिनों से मेरे परिवार और मुझ पर मनगढ़ंत तथा निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य हमें बदनाम करना है। न तो आरोप लगाने वालों ने कोई सबूत पेश किया है और न ही मीडिया ने इसकी मांग की है।"
गुमनाम लेटर पर का भी किया जिक्र
रूपाली चाकणकर ने इस विवाद में सामने आए एक गुमनाम पत्र पर भी सवाल उठाए। चाकणकर ने पूछा, "आरोप लगाने वालों को बताना चाहिए कि यह पत्र उनके पास कैसे पहुंचा। बिना किसी सत्यापन के पुलिस प्रशासन को मिला एक गुमनाम पत्र मीडिया को दे दिया गया और पूरे दिन चर्चा चलाई गई, जिसका मकसद केवल मानहानि था। यह सामने आना चाहिए कि इसके पीछे कौन है।"
आशोक खरात के पैर धोने वाले वीडियो पर क्या बोलीं रूपाली?
चाकणकर ने बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कंवट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि कानूनन बिना नाम और पते वाला गुमनाम पत्र मान्य नहीं होता, और उसे महत्व नहीं दिया जा सकता। ये आरोप तब सामने आए, जब पिछले महीने एक वीडियो सार्वजनिक हुआ, जिसमें चाकणकर खरात के पैर धोती दिखी थीं। इसी वीडियो के बाद उन्हें महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
सिर्डी पुलिस ने रूपाली चाकणकर की बहन से की पूछताछ
इस बीच, पुलिस ने सोमवार को रूपाली चाकणकर की बहन से अकाउंट के संबंध में पूरे 8 घंटे पूछताछ कर चुकी है। यह पूछताछ खरात द्वारा उनकी बहन के बैंक खाते के कथित इस्तेमाल की जांच के लिए की गई।














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