Rajya Sabha election: महाराष्ट्र में बीजेपी की वजह से टेंशन में क्यों आ गई है शिवसेना ?
मुंबई, 31 मई: 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में महाराष्ट्र का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां छठी सीट के लिए बीजेपी और शिवसेना में कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। शिवसेना, भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश के आरोप लगा रही है, तो पार्टी इसे ना सिर्फ खारिज कर रही है, बल्कि अपने तीसरे उम्मीदवार के भी चुनाव जीतने का दम भर रही है। आइए समझते हैं कि राज्यसभा की छठी सीट के लिए ऐसा क्या समीकरण बन रहा है, जिसने सत्ताधारी महा विकास अघाड़ी और शिवसेना को टेंशन में ला दिया है।

महाराष्ट्र में 6ठी सीट के लिए कांटे की लड़ाई
महाराष्ट्र में राज्यसभा की 6 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से बीजेपी के 2, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के 1-1 उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है। प्रत्येक प्रत्याशी की जीत के लिए 42 एमएलए की प्रथम वरीयता मतों की जरूरत है और इन दलों के पास इनके लिए इतने वोट पर्याप्त हैं। असली चुनाव छठी सीट के लिए ही होना है, जिसके लिए शिवसेना ने संजय पवार और भाजपा ने धनंजय महादिक को टिकट दिया है। दोनों कोल्हापुर से हैं। यानी भाजपा के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार और सत्ताधारी महा विकास अघाड़ी को अपने चौथे प्रत्याशी को जिताना बड़ी चुनौती है।

निर्दलीय वोटों पर दोनों दलों की नजर
शिवसेना को अपने पहले उम्मीदवार संजय राउत के लिए 42 वोटों की व्यवस्था के बाद अपने दूसरे उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने के लिए अपने सहयोगियों और निर्दलीय एमएलए से 30 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। जबकि, बीजेपी के पास पीयूष गोयल और अनिल बोंडे को वोट देने के बाद 22 अतिरिक्त वोट बचेंगे। बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार को उतार कर शिवसेना की राह में यहीं पर अड़ंगा लगा दिया है। भाजपा को भरोसा है कि वह निर्दलीय उम्मीदवारों और शिवसेना, एनसीपी और बाकी दलों के असंतुष्टों को मनाकर तीसरे प्रत्याशी के लिए भी पर्याप्त वोट चुटा लेगी।

दूसरे उम्मीदवार को लेकर टेंशन में आई शिवसेना
भाजपा की इस रणनीति से शिवसेना टेंशन में आ चुकी है। दूसरे उम्मीदवार को ऊपरी सदन में पहुंचाने के लिए वोटों का 'जुगाड़' उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी करना होगा, यह बात आंकड़ों से स्पष्ट है। लेकिन, पार्टी सेना संजय राउत का आरोप है कि बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'वह हॉर्स ट्रेडिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। तीसरा उम्मीदवार खड़ा करना उनकी यही चाल थी। हमारी सरकार इस चुनाव पर नजदीकी नजर रख रही है।'

शिवसेना को अपना दूसरा उम्मीदवार हटा लेना चाहिए- फडणवीस
लेकिन, भाजपा नेताओं का मानना है कि उसकी ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने में कुछ भी गलत नहीं है। पार्टी नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है, 'हमें हॉर्स ट्रेडिंग करने की जरूरत नहीं है। हमने तीसरा उम्मीदवार उतारा है, क्योंकि हमें लगता है कि हमारा प्रत्याशी जीत जाएगा। शिवसेना को अपना दूसरा उम्मीदवार हटा लेना चाहिए। हमारे सभी उम्मीदवार राज्य के ही हैं और एक ही पार्टी के हैं। हमें विश्वास है कि लोग हमारे उम्मीदवार को वोट देने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करेंगे। किसी भी तरह से हॉर्स ट्रेडिंग नहीं होने जा रहा है।' शिवसेना की सहयोगी कांग्रेस ने यूपी के इमरान प्रतापगढ़ी को टिकट दिया है, भाजपा उसपर भी तंज करने की कोशिश कर रही है।

एमवीए के दो विधायक जेल में हैं
हालांकि, नामांकन वापस लेने के लिए 3 जून तक का समय है। अगर तब तक बीजेपी और शिवसेना दोनों के उम्मीदवार मैदान में रहे तो छठी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प होना तय है। क्योंकि, शिवसेना एमएलए रमेश लटके की हाल ही में मौत हो चुकी है। बीजेपी के लक्ष्मण जगताप अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं और एनसीपी के नवाब मलिक और अनिल देशमुख भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में जेल में बंद हैं।

द्वितीय वरीयता वोट से होगा खेला ?
वैसे राज्यसभा चुनाव में एमएलए को पार्टी के पोलिंग एजेंट को अपना वोट दिखाना होता है। लेकिन, निर्दलीय विधायक इससे आजाद रहेंगे। इसके अलावा द्वितीय वरीयता वाला वोट भी बहुत बड़ा रोल निभाने वाला है। क्योंकि, लगता है कि छठी सीट पर प्रथम वरीयता वोटों से फैसला होने में पेच फंस सकता है; और दूसरी वरीयता वोट में क्या खेला हो जाएगा,यह अंदाजा लगाना फिलहाल बहुत ही मुश्किल है। बीजेपी और महा विकास अघाड़ी जो भी इसमें सफल होंगे, बाजी उन्हीं के हाथ लगेगी।












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