'यह आत्महत्या नहीं, संस्थागत हत्या है', संपदा मुंडे की मौत पर राहुल गांधी ने BJP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
महाराष्ट्र के सतारा में एक युवा डॉक्टर संपदा मुंडे की आत्महत्या ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। 29 वर्षीय यह मेडिकल ऑफिसर गुरुवार रात एक होटल के कमरे में फंदे से लटकी मिली थीं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे 'संस्थागत हत्या' (Institutional murder) बताया और सीधे तौर पर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
यह घटना उस समय सामने आई जब डॉक्टर के हाथ पर लिखे सुसाइड नोट ने पुलिस और प्रभावशाली राजनीतिक लोगों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए।

सुसाइड नोट और मुख्य आरोपी
जांच के दौरान पता चला कि डॉ. मुंडे ने अपनी हथेली पर मराठी में एक नोट लिखा था। इस नोट के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है:
- बलात्कार का आरोप: फल्टन सिटी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने पर डॉक्टर ने महीनों तक चार बार बलात्कार और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
- उत्पीड़न का आरोप: उनके मकान मालिक के बेटे प्रशांत बनकर पर भी लगातार उत्पीड़न करने का आरोप है।
हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है।
भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव का एंगल
आत्महत्या से पहले की जांच में सामने आया है कि डॉ. मुंडे लगातार काम के दबाव और भ्रष्टाचार का शिकार थीं। उन्होंने पहले शिकायत की थी कि अस्पताल में लाए गए आरोपियों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए उन पर पुलिस अधिकारियों और स्थानीय राजनीतिक नेताओं द्वारा दबाव बनाया जा रहा था।
हालांकि, उनकी इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। दूसरी ओर, पुलिस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि डॉक्टर प्रमाणपत्र जारी करने में सहयोग नहीं कर रही थीं।
राहुल गांधी का भाजपा सरकार पर तीखा वार
राहुल गांधी ने इस दुखद घटना को 'किसी भी सभ्य समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाली त्रासदी' बताया। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला: उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था पर जनता की रक्षा की ज़िम्मेदारी थी, उसी में बैठे लोगों ने इस निर्दोष महिला के खिलाफ़ सबसे जघन्य अपराध (बलात्कार और शोषण) किया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों ने भी डॉक्टर पर भ्रष्टाचार का दबाव बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने इसे 'सत्ता संरक्षित आपराधिक विचारधारा का सबसे घिनौना उदाहरण' बताया। राहुल गांधी ने डॉ. मुंडे की मौत को 'संस्थागत हत्या' बताते हुए कहा कि यह घटना 'भाजपा सरकार के अमानवीय और संवेदनहीन चेहरे' को उजागर करती है। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने और हर बेटी के लिए 'डर नहीं, न्याय' की मांग दोहराई।
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