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'क्या अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे?', बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण पर भड़के राहुल गांधी

Maharastra Badlapur Harassment Case: कोलकाता की घटना के बाद एक तरफ जहां पूरे देश में आक्रोश है तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के बदलापुर में बीते दिनों दो बच्चियों के साथ स्कूल के शौचालय में यौन शोषण किया गया। जिसके बाद बदलापुर के अंदर भी जबरदस्त आक्रोश है। इस बीच अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि क्या एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी आंदोलन करना पड़ेगा?

राहुल गांधी ने बहन-बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराध की निंदा करते हुए न्याय दिलाने के बजाय अपराध छिपाने के प्रयासों की जमकर आलोचना की। बदलापुर में यौन उत्पीड़न मामले पर विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद अब राहुल गांधी का जमकर गुस्सा फूटा है।

Rahul Gandhi

'हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं'

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस की निष्क्रियता की आलोचना करते हुए कहा कि "न्याय दिलाने की अपेक्षा अपराध छिपाने के लिए अधिक प्रयास किए जा रहे हैं"। अपने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं?"

अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे?

राहुल गांधी ने आगे कहा कि बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता 'न्याय की गुहार' करते हुए सड़क पर नहीं आ गई। क्या अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे? आखिर पीड़ितों के लिए पुलिस थाने तक जाना भी इतना मुश्किल क्यों हो गया है?"

अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए-राहुल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सिस्टम पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि न्याय दिलाने से अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए किया जाता है, जिसका सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और कमजोर वर्ग के लोग होते हैं। FIR दर्ज नहीं होना ना सिर्फ पीड़ितों को हतोत्साहित करता है, बल्कि अपराधियों का हौसला भी बढ़ाता है।"

'न्याय हर नागरिक का अधिकार'

राहुल गांधी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की 'मर्जी का मोहताज' नहीं बनाया जा सकता।

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