महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट के बारे में जानिए
दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार के चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है। महाराष्ट्र की 288 सीटों के लिए वोटिंग 21 अक्टूबर को कराए जाएंगे और 24 अक्टूबर को मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि सत्ता की चाबी जनता ने किसको थमाई। लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट की जनता को भी 21 अक्टूबर को अपना विधायक चुनने का मौका मिलेगा। आइए इस सीट के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कैसे बनी लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट?
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में लातूर है। लातूर शहर को छत्रपति साहूजी महाराज ने बसाया था। पहले लातूर महाराष्ट्र में विधानसभा सीट था लेकिन परिसीमन के बाद इसे विभाजित कर दो सीटों में बांट दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट बनी। वहीं शहरी इलाकों को अलग कर एक लातूर शहर विधानसभा सीट बनाई गई। लातूर ग्रामीण क्षेत्र में शुरू से ही कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2014 में इस विधानसभा क्षेत्र में 1,57,124 पुरुष मतदाता, 1,36,992 महिला मतदाता और 2,94,116 कुल मतदाता थे।
लातूर ग्रामीण सीट पर कांग्रेस का दबदबा
लातूर ग्रामीण सीट की जनता 1999 से लगातार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को जिताती आ रही है। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता भिसे त्र्यंबकराव श्रीरंगराव यहां से विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए। इस सीट पर 2014 में हुए चुनाव में कुल 2,94,116 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। कांग्रेस के भिसे त्र्यंबकराव श्रीरंगराव को कुल 1,00,897 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी कराड रमेश काशीराम को कुल 90,387 मत मिले। इस तरह कांग्रेस के उम्मीदवार 10,510 वोटों से जीते।
2009 के चुनाव में लातूर ग्रामीण सीट से कांग्रेस उम्मीदवार शिंदे वैजनाथ ज्ञानदेव जीते थे। 2009 में मतदान प्रतिशत 70.76% था तो वहीं 2014 में मतदान प्रतिशत 69.87% रहा। 2009 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार शिंदे वैजनाथ ज्ञानदेव को 46.19% वोट मिले जबकि 2014 में कांग्रेस उम्मीदवार भिसे त्र्यंबकराव श्रीरंगराव को 49.1% मत हासिल हुए। दोनों ही चुनाव में भाजपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे।
2019 में लातूर ग्रामीण सीट पर कौन बनेगा विधायक?
लातूर क्षेत्र में फिलहाल सियासी हालात यही कह रहे हैं कि कांग्रेस को यहां फिर से जीत का परचम लहराने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस बार भाजपा की दावेदारी भी कम मजबूत नहीं है। लातूर लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा उम्मीदवारों के बीच ही है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव चूंकि अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं इसलिए कांग्रेस ने भी अपनी सीट बचाने के लिए ताकत झोंक दी है। इस बार कांग्रेस को भाजपा से कड़ा मुकाबला मिलने के आसार हैं।
2014 चुनाव: महाराष्ट्र विधानसभा में किसके पास कितनी सीटें?
2014 में महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 122, शिवसेना ने 63, कांग्रेस ने 42 और एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की थी। बाकी सीटों पर छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। 2014 में भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन नहीं किया था और न ही कांग्रेस और एनसीपी साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी। भाजपा ने शिवसेना के साथ मिलकर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बनाई। 9 नवंबर को इस सरकार के कार्यकाल का अंत हो जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications