परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी, 2 वॉरंट की अनदेखी पहले ही कर चुके हैं
मुंबई, 10 नवंबर। 100 करोड़ रुपए की जबरन वसूली के मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह अभी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी तो हो चुकी है, लेकिन अभी परमबीर सिंह कानून के दायरे से बाहर हैं। हालांकि अब लगता है कि उनपर जल्द ही कानून का शिकंजा कसा जा सकता है। दरअसल, मुंबई पुलिस ने परमबीर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया है। हालांकि परमबीर के खिलाफ ये तीसरा गैर जमानती वॉरंट है।

केस से जुड़े 2 अधिकारियों को भेजा गया कस्टडी में
आपको बता दें कि मंगलवार को मुंबई की एक अदालत ने दो पुलिस अधिकारियों को महाराष्ट्र CID की 7 दिन की कस्टडी में भेजा है। इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाल और आशा कोरके वो दोनों पुलिस अधिकारी हैं, जिनका संबंध उसी मामले से जुड़ा हुआ है, जिस मामले में परमबीर सिंह को गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया है। इन दोनों को CID ने सोमवार को अरेस्ट किया था। ये दोनों मुंबई क्राइम ब्रांच में तैनात थे। परमबीर के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
अभी ईडी की हिरासत में हैं अनिल देशमुख
आपको बता दें कि 100 करोड़ रुपए के जबरन वसूली मामले में ईडी ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार किया था। 7 नवंबर को अनिल देशमुख को 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2 नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां पहले तो उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए अनिल देशमुख को 12 नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेजा था।
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क्या है ये पूरा मामला?
बता दें कि ये पूरा मामला अनिल देशमुख से ही जुड़ा हुआ है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक चिट्ठी लिखकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे। परमबीर सिंह ने ये खत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा था। इस खत में उन्होंने कहा था कि एंटीलिया केस में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को अनिल देशमुख ने हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने का आदेश दिया था। इस खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया था।












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