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NCP Reunion: 12 फरवरी को होने वाला था NCP का विलय, शरद पवार का बड़ा खुलासा, मर्जर के बाद किसके हाथ में कमान?

Maharashtra NCP Reunion 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों के पुनर्मिलन (Reunion) की प्रक्रिया लगभग तय मानी जा रही है और इसका औपचारिक ऐलान फरवरी के दूसरे हफ्ते, यानी स्थानीय निकाय चुनावों के बाद किए जाने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों गुटों के वरिष्ठ नेता अगले हफ्ते एक अहम बैठक कर अंतिम रूप देंगे। इस बीच पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी अंदरूनी मंथन तेज हो गया है।

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सूत्रों का कहना है कि एकीकृत NCP के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के लिए चार बड़े नाम सामने आए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा सुनेत्रा पवार के नाम की है। इससे पहले 31 जनवरी को विधायकों की बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया।

Sunetra Pawar Deputy CM: सुनेत्रा पवार होंगी महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM और पार्टी प्रमुख?

अजीत पवार के निधन के बाद अब उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज है।

विधायक दल की बैठक: आज (31 जनवरी) मुंबई के विधान भवन में दोपहर 2 बजे एनसीपी विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल की नेता चुना जा सकता है।

ऐतिहासिक शपथ ग्रहण: यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकती हैं।

नेतृत्व के 4 दावेदार: विलय के बाद बनने वाली संयुक्त पार्टी के नेतृत्व के लिए चार नाम चर्चा में हैं- शरद पवार, सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल। हालांकि, कार्यकर्ताओं और विधायकों का झुकाव सुनेत्रा पवार की ओर अधिक है ताकि अजीत पवार की विरासत को संभाला जा सके।

शरद पवार ने क्या कहा?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने शनिवार (31 जनवरी) को दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार पार्टी के दोनों गुटों के फिर से एकजुट होने के पक्ष में थे। शरद पवार के मुताबिक, अजित पवार और विधायक जयंत पाटिल के बीच पार्टी के विलय को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद भी चाहते थे कि एनसीपी के दोनों धड़े दोबारा साथ आएं। शरद पवार ने कहा, "विलय को लेकर चर्चा हो रही थी और अजित की राय थी कि 12 फरवरी को विलय की तारीख तय की जाए।"

उन्होंने आगे कहा, "दुर्भाग्यवश, अजित पवार के विमान हादसे ने NCP मर्ज की बाततीत को रोक दिया।" जुलाई 2023 में एनसीपी दो गुटों में बंट गई थी, जब अजित पवार पार्टी के 54 में से 40 से ज्यादा विधायकों के साथ अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। इसी विभाजन के बाद शरद पवार ने अपने गुट का नाम नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार रखा था।

NCP Merger February 2026 को स्थानीय निकाय चुनाव के बाद होगा बड़ा ऐलान

ऐसा माना जा रहा है कि, NCP (शरद पवार) और NCP (अजित पवार) गुट के नेता स्थानीय निकाय चुनाव खत्म होने के बाद संयुक्त रूप से पार्टी के एक होने की घोषणा करेंगे। इसके लिए दोनों पक्षों के नेताओं के बीच पिछले कुछ महीनों से बातचीत चल रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया की नींव दिसंबर और जनवरी में पड़ी, जब अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से कई दौर की बैठकें की थीं। योजना थी कि चुनावों के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी के एक होने का एलान किया जाए।

नेतृत्व को लेकर सुनेत्रा पवार सबसे आगे

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, एकीकृत NCP के नेतृत्व को लेकर फिलहाल चार नाम सबसे आगे हैं-शरद पवार, सुनेत्रा पवार (राज्यसभा सांसद, अजित पवार की पत्नी), सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल।

हालांकि पार्टी के भीतर यह स्वर सबसे ज्यादा मजबूत है कि सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायक दल की नेता बनाया जाए। सूत्रों का कहना है कि सुनेत्रा पवार की भूमिका पुनर्मिलन प्रक्रिया में बेहद अहम रही है और दोनों गुटों को एक मंच पर लाने में उन्होंने सक्रिय प्रयास किए हैं। यदि किसी राजनीतिक कारण से यह विकल्प संभव नहीं हुआ, तो प्रफुल्ल पटेल को अगला मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आसान नहीं है। सूत्रों के अनुसार, NCP (अजित पवार) गुट के कुछ नेता तुरंत विलय के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि इसका इस्तेमाल कुछ लोग "राजनीतिक फायदे" के लिए कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, शरद पवार गुट के नेता चाहते हैं कि पार्टी का विलय बिना देरी के किया जाए।

NCP का राजनीतिक सफर और बंटवारे की कहानी

शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर NCP की स्थापना की थी। जुलाई 2023 में अजित पवार ने पार्टी से बगावत कर महायुति में शामिल होकर सरकार बनाई। उनके साथ प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और दिलीप वालसे-पाटिल जैसे शरद पवार के करीबी नेता भी चले गए थे। इसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी।

क्या है सियासी भविष्य: महायुति या MVA?

अगर NCP के दोनों धड़े एक हो जाते हैं, तो इसका सीधा असर महाराष्ट्र की सियासत, आगामी विधानसभा चुनावों और गठबंधन समीकरणों पर पड़ेगा। शरद पवार की रणनीतिक समझ, सुनेत्रा पवार की नई भूमिका और पार्टी की एकजुट ताकत, राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिख सकती है।

फिलहाल सबकी निगाहें फरवरी के दूसरे हफ्ते पर टिकी हैं, जब NCP के पुनर्मिलन को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। विलय के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि संयुक्त एनसीपी सत्ताधारी 'महायुति' (BJP-शिवसेना) के साथ रहेगी या विपक्षी 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) में लौटेगी?

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