NCP Party: शरद पवार को लेकर अजित गुट को अभी भी क्यों है उम्मीद?
एनसीपी संकट में अभी भी अजित पवार गुट शरद पवार को मना लेने की उम्मीद नहीं छोड़ पा रहा है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम का खेमा कम से कम तीन बार शरद पवार से मिल चुका है, लेकिन अभी तक उनसे सुलह की गुंजाइश का कोई भरोसा नहीं ले पाया है।
टीओआई से पार्टी के राज्यसभा सांसद और अजित गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है, हम उन्हें एकजुट एनसीपी के लिए (की जरूरत के लिए) मनाना जारी रखेंगे। आखिर शरद पवार पिता के समान हैं और हमारी कोशिश होगी कि हम उनके दरवाजे पर पहुंचें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।'

भविष्य में भी हम कोशिशें करेंगे- प्रफुल्ल पटेल
पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक वे और अजित पवार पार्टी विधायकों के साथ हाल ही में पवार के पास उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, 'हमें लगा कि हमें एकजुट रहना चाहिए। हालांकि, उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। भविष्य में भी हम कोशिशें करेंगे।'
सीनियर पवार से माफी भी मांग चुका है अजित गुट
पिछले 16 जुलाई को अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल महाराष्ट्र में एनसीपी के सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ अचानक एनसीपी संस्थापक से मिलने पहुंच गए थे। वहां उन्होंने पार्टी को एकजुट रखने के लिए उनका आशीर्वाद ही नहीं मांगा, बल्कि अपने कदम के लिए माफी भी मांगी और साथ ही साथ यह भी बताया कि उन्हें इस तरह से बीजेपी के साथ क्यों जाना पड़ा। लेकिन, सीनियर पवार ने न कोई वादा किया और न ही एक शब्द भी कुछ कहा।
शरद पवार ने बीजेपी के साथ जाने से इनकार किया था
दूसरे दिन यानी 17 जुलाई को अजित गुट के विधायकों ने एक बार फिर से शरद पवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फिर कुछ नहीं बोला। उसी दिन बाद में शरद पवार ने स्पष्ट किया कि उनके लिए 'बीजेपी जैसी विभाजनकारी राजनीतिक पार्टी' के साथ जाना संभव नहीं होगा।
बड़े देशहित के लिए एनडीए में शामिल हुए- अजित पवार
अगले दिन ही यानी 18 जुलाई को अजित पवार दिल्ली में एनडीए की बैठक में शामिल हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात को 'बहुत ही उपयोगी एवं सार्थक' बताया। वो बोले, 'उनके साथ हमारी अच्छी बातचीत हुई। हम देश के बड़े हित और मोदी की ओर से बनाए गए विकासात्मक कार्यक्रमों को लेकर एनडीए में शामिल हुए हैं।'
शरद पवार की भूमिका को लेकर रहा है संदेह?
एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने भी माना कि जब शरद पवार 17 तारीख को बेंगलुरु में विपक्षी दलों के डिनर में नहीं शामिल हुए तो अटकलें लगनी शुरू हो गईं कि कहीं उन्होंने अपना इरादा बदलने का तो नहीं सोच लिया है। लेकिन, जब 18 को वह बेंगलुरु पहुंच गए तो वह अटकलें अफवाह ही साबित हुई।
I.N.D.I.A.के संयोजक बनेंगे पवार?
शरद पवार के इस कदम से फिलहाल उनके गुट के लिए उनका नजरिया स्पष्ट हो चुका है। पार्टी नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा है कि अब जो मुंबई में विपक्षी दलों की अगली बैठक होगी, उसकी मेजबानी बुजुर्ग पवार ही करेंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि एनसीपी संस्थापक I.N.D.I.A.के संयोजक के तौर पर भी उभर सकते हैं।
आव्हाड ने अजित पवार के रवैए पर निशाना साधते हुए कहा, 'उन्हें अपने स्टैंड पर कायम रहना चाहिए। पहले उन्होंने अपने गुरु की आलोचना की और कुछ दिन बाद माफी मांग ली। ऐसा उल्टा चेहरा क्यों? यह आत्मविश्वास की कमी थी।'












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