'शायद PM मोदी को किसी ने बताया नहीं कि...', महिला आरक्षण बिल को लेकर शरद पवार ने कसा तंज
महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास हो गया है। इस बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। उनकी इसी आलोचना पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चीफ शरद पवार ने मंगलवार (26 सितंबर) को पलटवार किया है।
शरद पवार ने मोदी की आलोचना पर विस्तार से अपना पक्ष रखा। पवार ने कहा कि मोदी का बयान दुखदायी है। इसके अलावा शरद पवार ने इस बात की भी विस्तार से जानकारी दी कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब महिला आरक्षण को लेकर कब-कब क्या फैसले लिए गए।

पवार ने कहा कि महिलाओं के लिए नीतियां बनाने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य था। जब मैं रक्षा मंत्री था, तब हमने रक्षा बलों में महिलाओं के लिए 11 फीसदी आरक्षण किया था। ऐसे फैसले कांग्रेस सरकार के दौरान लिए गए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीएम को इस संबंध में ठीक से जानकारी नहीं दी गई और इसीलिए उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ ऐसे बयान दिए।
प्रधानमंत्री की गई आलोचना गलत
शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई आलोचना गलत है। यह कहना गलत है कि इतने सालों में महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका। महाराष्ट्र महिला राज्य आयोग स्थापित करने वाला पहला राज्य था। जून 1993 में, जब मैं मुख्यमंत्री था, मैंने पहली बार महाराष्ट्र में महिला एवं बाल विकास के लिए एक अलग विभाग शुरू किया था।
संविधान में 1993 में संशोधन किया गया था। उस समय देशभर में स्थानीय स्वशासन चुनावों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार महिलाओं के लिए आरक्षण लागू हुआ। 22 जून 1994 को महाराष्ट्र ने पहली महिला नीति की घोषणा की। इस नीति के माध्यम से महाराष्ट्र में सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। इसके बाद स्थानीय निकायों में 33 फीसदी आरक्षण तय किया गया। महाराष्ट्र ने पहली बार ऐसा फैसला लिया।
रक्षा बलों में महिलाओं के लिए आरक्षण कैसे दिया गया?
उन्होंने कहा कि जब मैं देश का रक्षा मंत्री था, तो मैंने तीनों सेनाओं में 11 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया। जब मैं रक्षा मंत्री था तो बैठक में कहा गया था कि तीनों सेनाओं में महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। तब तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने विरोध जताया था। तीनों बैठकों में विरोध हुआ। लेकिन, आखिरकार मैंने कहा कि मेरे पास रक्षा विभाग की जिम्मेदारी है, इसलिए हमने महिलाओं को 18 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया।












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