'घर के हालात खराब, नहीं हो पा रही बात', नवाजुद्दीन की याचिका पर HC में बोले आलिया के वकील
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। उनकी पत्नी के वकील के मुताबिक अभी उनकी बात मुवक्किल से नहीं हो पाई है।

एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। उनके मामले में शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान उनकी पत्नी की ओर से पेश वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा कि घर की स्थिति सही नहीं है, ऐसे में वो अपने मुवक्किल से बात नहीं कर पा रहे। साथ ही इन्हीं कारणों की वजह से वो हैबियस कॉर्पस मामले में रिप्लाई दाखिल भी नहीं कर पा रहे।
दरअसल 2010 में नवाज ने आलिया से शादी की थी, जो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की स्थायी निवासी हैं। उनके दो बच्चे भी हैं। साल 2011 में उनका खुलानामा (तलाक) हो गया। एक्टर ने अपनी याचिका में दावा किया कि वो बच्चों की देखभाल के लिए हर महीने 10 लाख रुपये भेजते हैं। करीब 40 दिन पहले उनकी पत्नी बच्चों के साथ मुंबई आ गईं। जिसके बाद दोनों में अनबन हुई। इसको लेकर अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। नवाज की याचिका में कहा गया था कि बच्चों को यूएई से भारत लाने से पहले उनकी इजाजत नहीं ली गई थी।
वहीं नवाज की ओर अधिवक्ता प्रदीप थोराट केस लड़ रहे हैं। पिछली सुनवाई के दौरान उन्होंने कोर्ट को बताया था कि बच्चों की कस्टडी मां के पास है। जिसके बाद बेंच ने कहा था कि वो बच्चों की शिक्षा को लेकर लिए गए फैसले के बारे में कोर्ट को बताएं। जिस पर शुक्रवार को थोराट ने कोर्ट को बताया कि मुंबई के चार स्कूलों में बात की गई है। इसके अलावा दुबई के स्कूल से भी ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर संपर्क किया गया है। जिसने सहमति दे दी है।
एक्टर ने डाली है याचिका
आपको बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने याचिका डाली है। जिसमें उन्होंने बच्चों की कस्टडी की मांग की। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान दोनों को बच्चों का मामला जल्द सुलझाने को कहा था। वहीं आलिया के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी मुवक्किल और बच्चों को 81 रुपये देकर घर से निकाल दिया गया था। इस वजह से आलिया और बच्चे एक रिश्तेदार के यहां रह रहे थे। जहां तक बच्चों की कस्टडी की बात है तो बेटा बहुत छोटा है, जो कुछ कहने की हालत में नहीं, जबकि बेटी 12 साल की है, जो नवाज से नहीं मिलना चाहती है।












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