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Nagpur News: 12 साल के बच्‍चे को दो महीने तक जंजीरों से जकड़कर रखा, आखिर सगे मां-बाप क्‍यों बने जल्‍लाद?

Nagpur News: महाराष्ट्र के नागपुर में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। एक दंपत्ति ने अपने 12 वर्षीय बेटे को दो महीने तक लोहे की जंजीरों में बांधकर रखा। यह घटना दक्षिण नागपुर में एक परिवार के घर में हुई, जहां माता-पिता अपनी सगी औलाद को सबक सिखाने के नाम पर यह क्रूर यातना देते रहे।

इस क्रूरता का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय निवासियों ने बच्चे की असामान्य स्थिति पर ध्यान दिया। उन्होंने तुरंत जिला महिला और बाल विकास विभाग को सूचना दी। जब पुलिस और विभाग के अधिकारी बच्चे के घर पहुँचे, तो उन्होंने भयावह मंजर देखा कि बच्चा घर के अंदर जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उसके एक पैर में लोहे की भारी जंजीर और ताला लगा था, जिससे वह हिल भी नहीं पा रहा था।

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जंजीर में बंधा दहशत में कांप रहा था मासूम

मीडिया रिपोर्ट के अनसुार पुलिस को बच्चे के हाथ-पैरों पर चोट के निशान मिले। वह भयभीत और दहशत में कांप रहा था, इस लंबे समय के अत्याचार का उसके बाल मन पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा था। अधिकारियों ने उसे तत्काल बचाया और एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जहाँ फिलहाल उसकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वह इस सदमे से उबर सके।

सगे मां-बाप बेटे के लिए क्‍यों बने जल्‍लाद, क्‍याें जंजीरों से बांधा?

नागपुर के तिहाड़ी मजूदरी कर पेट पालने वाले दंपति ने बताया कि उनका 12 वर्षीय बेटा पढ़ाई छोड़कर बेहद शरारती हो गया था। वे आरोप लगाते हैं कि वह उनकी बात नहीं सुनता था, अक्सर घर से भाग जाता था और दूसरों के मोबाइल फोन चोरी करता था। माता-पिता का कहना है कि बेटे को 'सुधारने' और 'सही सबक' सिखाने के लिए उन्होंने यह 'कठोर' कदम उठाया। हर सुबह वे काम पर जाने से पहले बच्चे को लोहे की जंजीरों से बांधकर ताला लगा देते थे।

बच्‍चे के माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज हुआ

यह सवाल उठने लगा है कि क्या लोहे की जंजीरों से बांधकर रखना वास्तव में अनुशासन का तरीका हो सकता है? इस अमानवीय कृत्य के बाद, बच्चे के माता-पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंप दिया गया है, जहाँ उसकी सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

चाइल्‍ड हेल्‍प लाइन के कारण बच्‍चे को मिली मदद

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को इस घटना की सूचना पहले भी दो बार दी गई थी, पर तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार, स्थानीय निवासियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर बच्चे की दुर्दशा बताई, जिसके बाद बचाव दल तत्काल सक्रिय हुआ और कार्रवाई की गई। सोशल मीडिया पर यह घटना वायरल होने के बाद नेटिज़न्स ने इस क्रूर व्यवहार पर गहरा गुस्सा और आक्रोश व्यक्त किया है।

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