Mumbai Water Crisis: मुंबई में वॉटर टैंकर हड़ताल, पानी के लिए तरस रहे लोग, सीएम फडणवीस ने उठाया ये कदम

Mumbai Water Crisis: मुंबई में पानी के टैंकर चालकों की हड़ताल के कारण पेयजल की कमी हो गई है। मुंबई के कई इलाकों में पीने के पानी के हाहाकार मच गया है। मुंबई के लोग भयंकर जल संकट से जूझ रहे हैं।

बता दें बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की नई लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन (एमडब्ल्यूटीए) 10 अप्रैल से हड़ताल पर है जिसके चलते शहर की पानी की आपूर्ति ठप्‍प हो गई है।

cm

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उठाया ये कदम

मुंबई वालों को हो रही समस्‍या को देखते हुए महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकट को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है। फडणवीस ने मुंबई नगर निगम आयुक्त को एक रणनीति तैयार करने का काम सौंपा है जो जल आपूर्ति की बहाली सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवरों की शिकायतों के साथ नए नियमों को संतुलित करे। आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार तीसरे दिन पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही जिससे समाधान तुरंत खोजने की गुजारिश सीएम ने की है।

पानी की समस्‍या पर क्‍या बोले सीएम देवेंद्र फडणवीस?

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा "टैंकर चालकों की हड़ताल के कारण, कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या है। गर्मी को देखते हुए, यह समस्या जारी नहीं रह सकती। मैंने नगर निगम आयुक्त से नए नियमों और चालकों की चिंताओं के बीच एक रास्ता खोजने के लिए कहा है ताकि आम जनता प्रभावित न हो।"

जल संकट के कारण बंद किए गए कार्यालय

वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने समाधान निकालने के प्रयास में एक बैठक बुलाई। इन प्रयासों के बावजूद, गतिरोध बना हुआ है, टैंकर चालक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। चल रही हड़ताल ने न केवल कुछ कार्यालयों को बंद करने के लिए मजबूर किया है, बल्कि दूषित जल आपूर्ति के संभावित जोखिम को लेकर भी चिंताएं पैदा की हैं।

क्‍यों टैंकर चालकों ने की है ये हड़ताल?

गौरतलब है कि विवाद का मुख्य कारण रिंगवेल और बोरवेल संचालकों को नोटिस जारी करने का बीएमसी का निर्णय है, जिसमें उन्हें पानी की आपूर्ति बंद करने का निर्देश दिया गया है और टैंकर चालकों को केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए बाध्य किया गया है। इस निर्देश ने MWTA के सदस्यों में काफी असंतोष पैदा कर दिया है, जो अब नोटिस वापस लेने और राज्य सरकार से अपने हितों की रक्षा के लिए आश्वासन की मांग कर रहे हैं।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने दिया ये अल्‍टीमेटम

इस गतिरोध के बीच, शिवसेना यूबीटी ने स्थिति से निपटने के सरकार के तरीके की मुखर आलोचना की है और अपने विरोध को और बढ़ाने की धमकी दी है। राजनीतिक दल ने संकेत दिया है कि अगर दो दिनों के भीतर जल संकट का समाधान नहीं हुआ, तो वह सभी वार्ड कार्यालयों में रैलियां आयोजित करेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+