Mumbai Mayor Election: मुंबई को मिलेगी महिला मेयर, बड़े शहरों में किसका दबदबा? नाम को लेकर मंथन शुरू
Mumbai Mayor Election: देश की सबसे अमीर महानगर पालिका (BMC) के अगले 'प्रथम नागरिक' को लेकर जारी सस्पेंस आज खत्म हो गया है। गुरुवार सुबह मंत्रालय में नगर विकास विभाग (UDD) द्वारा निकाली गई आरक्षण लॉटरी में मुंबई मेयर का पद 'सामान्य महिला' (Open Women) श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है।
इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि करीब 9 साल बाद मुंबई की कमान अब एक महिला महापौर के हाथों में होगी। इस आरक्षण के साथ ही अब बहुमत वाली पार्टी के लिए अपने उम्मीदवार का नाम तय करने का रास्ता साफ हो गया है।

बड़े शहरों में महिलाओं का दबदबा
महाराष्ट्र के सबसे बड़े शहरों, जैसे मुंबई, पुणे, नागपुर और नाशिक में अब महिला राज चलेगा। मंत्रालय में निकली लॉटरी के मुताबिक, इन शहरों में मेयर की कुर्सी 'सामान्य महिला' वर्ग के लिए रिजर्व कर दी गई है। इसके अलावा, अहिल्यानगर और अकोला समेत 8 ऐसे शहर हैं जहाँ OBC वर्ग की महिलाएं मेयर बनेंगी। आसान शब्दों में कहें तो राज्य के ज्यादातर बड़े महानगरों की कमान अब महिला महापौरों के हाथों में होगी।
जातिगत आधार पर इन शहरों का आरक्षण
वहीं, कुछ अन्य शहरों के लिए अलग नियम तय किए गए हैं। ठाणे में इस बार अनुसूचित जाति (SC) समाज से मेयर चुना जाएगा, जबकि कल्याण-डोंबिवली की कुर्सी अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए सुरक्षित रखी गई है। जालना और लातूर जैसे शहरों में नियम और भी खास हैं, यहाँ सिर्फ अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिला ही मेयर बन पाएगी। इस फैसले के बाद अब सभी पार्टियों ने अपनी महिला नेताओं और खास वर्ग के उम्मीदवारों के नाम फाइनल करना शुरू कर दिया है।
लॉटरी का गणित और रोटेशन नियम
नगर विकास विभाग के नियमों के अनुसार, शहरी स्थानीय निकायों में मेयर का पद रोटेशन (बारी-बारी) के आधार पर आरक्षित किया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), सामान्य श्रेणी और महिलाओं के लिए सीटें सुरक्षित की जाती हैं।
गुरुवार सुबह 11 बजे राज्य के उन सभी 29 नगर निगमों के लिए लॉटरी निकाली गई, जहां हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं। मुंबई के लिए 'सामान्य महिला' आरक्षण आने से अब राजनीतिक दलों की महिला पार्षदों की दावेदारी मजबूत हो गई है।
महायुति का पलड़ा भारी, अब चेहरे पर नजर
पिछले गुरुवार को आए बीएमसी चुनाव के नतीजों में भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के 'महायुति' गठबंधन ने 227 सदस्यीय सदन में 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। बहुमत का आंकड़ा पास होने के कारण यह तय है कि मुंबई का अगला मेयर महायुति से ही होगा। अब गठबंधन के दलों को आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवार का नाम तय कर बीएमसी के म्युनिसिपल सेक्रेटरी को 'लेटर ऑफ इंटेंट' (इच्छा पत्र) सौंपना होगा।
पार्टियों में बढ़ी हलचल
आरक्षण स्पष्ट होने के बाद अब भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर योग्य महिला उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चूंकि मेयर का पद 'ओपन विमेन' कैटेगरी में गया है, इसलिए अनुभवी महिला पार्षदों के नामों पर विचार किया जा रहा है। आने वाले कुछ ही दिनों में महायुति अपने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।












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