Mumbai local train: वेस्टर्न रेलवे ने गोरेगांव और सांताक्रूज़ के बीच 4 घंटे का किया मेगा ब्लॉक
Mumbai local train: पश्चिमी रेलवे ने 6 और 7 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि को गोरेगांव और सांताक्रूज के बीच अप और डाउन फास्ट लाइनों पर चार घंटे के 'जंबो ब्लॉक' की घोषणा की। मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क पर यह रखरखाव कार्य रात 12:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक चलेगा।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि रविवार, 7 दिसंबर, 2025 को उपनगरीय खंड पर दिन के समय का कोई ब्लॉक नहीं होगा।

यह ब्लॉक ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और ओवरहेड उपकरणों के अनिवार्य रखरखाव के लिए होगा। पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, श्री विनीत अभिषेक ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस दौरान गोरेगांव और सांताक्रूज के बीच सभी फास्ट ट्रेनें धीमी लाइनों पर चलेंगी।
वहीं कृतिम बुद्धिमत्ता (AI) ने कई क्षेत्रों में लोगों का जीवन आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के नए मामले भी सामने आ रहे हैं। मुंबई की एसी लोकल ट्रेनों में AI-जनरेटेड फर्जी यूटीएस टिकटों का उपयोग करते हुए तीन यात्रियों को पकड़ा गया है। टिकट परीक्षक प्रशांत कांबले की सतर्कता ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जिससे रेलवे में एक नई चुनौती उजागर हुई है।
यह घटना तब सामने आई जब तीनों यात्री AI की मदद से तैयार किए गए जाली सीज़न पास का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्हें एसी लोकल ट्रेन में टिकट परीक्षक ने पकड़ लिया। वे टीसी द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद, तीनों संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
मध्य रेलवे ने इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नकली टिकट बनाने या उनका उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। रेलवे ने साफ किया है कि इस तरह की धोखाधड़ी करने पर भारी जुर्माना या भारतीय न्याय संहिता के तहत 7 साल तक की कैद हो सकती है। अब तक, रेलवे ने इस संबंध में चार एफआईआर दर्ज की हैं।
रेलवे की नई सख्ती उन यात्रियों पर भी लागू होगी जो पिछले कुछ समय से मध्य और पश्चिम रेलवे मार्गों पर नकली लोकल टिकट या सीज़नल पास के साथ यात्रा करते पाए गए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री जाली टिकट के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे भारतीय न्याय संहिता के तहत रेलवे को धोखा देने के आरोप में 5 से 7 साल तक की सीधी जेल हो सकती है।
मुंबई लोकल ट्रेनों के लिए टिकट जारी करने हेतु रेलवे यूटीएस (अनारक्षित टिकट प्रणाली) नामक ऐप का उपयोग करता है, जिससे टिकट आसानी से मिल जाते हैं। हालांकि, हाल ही में टिकट कलेक्टरों (टीसी) ने पाया है कि कुछ शातिर यात्री AI और फोटो-एडिटिंग सॉफ्टवेयर जैसे फोटोशॉप का इस्तेमाल करके नकली टिकट बना रहे हैं, जो इस प्रणाली का दुरुपयोग है।












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