Mumbai Local Train के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर, बोरीवली-विरार में नई रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार
Mumbai Local Train Update: मुंबई के लिए लोकल ट्रेन उसकी लाइफलाइन मानी जाती है। हर दिन लाखों लोग इसी से अपने रोजमर्रा के कामकाज पर आते जाते हैं। अब इस रेलवे नेटवर्क की भीड़ को कम करने और यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से नई रेल लाइन का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए शुरू की गई बोरीवली-विरार 5वीं और 6वीं रेल लाइन परियोजना अब गति पकड़ रही है।
मुंबई रेलवे विकास निगम लिमिटेड (MRVC) द्वारा मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट फेज IIIA (MUTP-IIIA) के तहत संचालित इस परियोजना की कुल लागत ₹2,184 करोड़ है।

इस परियोजना को से मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, बशर्ते भूमि अधिग्रहण और बाहरी अड़चनों को समय पर सुलझा लिया जाए।
क्या है परियोजना का महत्व? (What is the project?)
वर्तमान में बोरीवली से विरार के बीच चार रेल लाइनें हैं-दो स्लो लोकल ट्रेनों के लिए और दो फास्ट लोकल एवं लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए साझा उपयोग में। इससे संचालन में बाधाएं आती हैं और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में भी अड़चनें होती हैं। नई 5वीं और 6वीं रेल लाइनों के निर्माण से फास्ट लोकल ट्रेनों के लिए अलग कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अलग-अलग ट्रैक पर किया जा सकेगा। इससे न केवल ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी बल्कि यात्रियों को समयबद्ध और निर्बाध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।
अब तक कितना काम हुआ?
MRVC के एक अधिकारी के अनुसार, परियोजना के लिए ट्रैक अलाइनमेंट को ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से अंतिम रूप दिया गया है। सभी आवश्यक पुलों-महत्वपूर्ण, बड़े और छोटे पुलों-के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग्स (GADs) को मंजूरी मिल चुकी है। डिटेल डिजाइन कंसल्टेंट (DDC) की नियुक्ति कर दी गई है और विस्तृत डिजाइनों का कार्य प्रगति पर है।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति:
- कुल 1.81 हेक्टेयर निजी भूमि की आवश्यकता थी, जिसमें से 1.51 हेक्टेयर के लिए पुरस्कार जारी किए जा चुके हैं और 0.53 हेक्टेयर भूमि का कब्जा प्राप्त कर लिया गया है।
- लगभग 0.66 हेक्टेयर सरकारी भूमि को आवंटित किया गया है और उसका भुगतान भी हो चुका है।
- 13.62 हेक्टेयर नमक पैन भूमि (Salt Pan Land) के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए औपचारिक प्रस्ताव जमा किया जा चुका है।
पर्यावरणीय स्वीकृति और मैंग्रोव क्षेत्र
परियोजना को पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण अनुमतियाँ मिल चुकी हैं:
- स्टेज-II वन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
- क्षतिपूर्ति स्वरूप मैंग्रोव वृक्षारोपण जनवरी 2025 में पूरा कर लिया गया।
- मंंग्रोव क्षेत्रों में कार्य करने की अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे दहिसर-मीरा रोड और नायगांव-वसई जैसे हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नागरिक निर्माण कार्यों की प्रगति
दहिसर, मीरा रोड, भायंदर, नायगांव और वसई रोड स्टेशनों पर ढाँचों का पुनर्वास कार्य जारी है।
- प्लेटफॉर्म और फुट ओवर ब्रिज (FOB) कार्य:
- दहिसर में 3 FOB का कार्य
- नायगांव में 3 FOB का निर्माण
- नालासोपारा में 2 FOB निर्माण कार्य चल रहा है।
महत्वपूर्ण अनुबंध और पुल निर्माण: फरवरी 2025 में पुलों और मृदा कार्यों के लिए अनुबंध जारी किए गए। इसके बाद से ठेकेदारों ने साइट पर पहुंचकर पूर्व-निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं, जिनमें पुल संख्या 73 और 75 और एक रोड ओवर ब्रिज (ROB) शामिल हैं।
क्या बोले अधिकारी?
एमआरवीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि "मुंबई की जीवनरेखा माने जाने वाले उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर रोज़ाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। बोरीवली-विरार 5वीं और 6वीं रेल लाइन परियोजना इसके संचालन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इससे सिर्फ सुविधाजनक यात्रा नहीं मिलेगी, बल्कि संचालन की लचीलापन भी बढ़ेगा।"
इस परियोजना को लेकर उम्मीद की जा रही है कि यह मुंबई की उपनगरीय यात्रा प्रणाली को न केवल अधिक विश्वसनीय बनाएगी, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों और लोकल ट्रेनों के बीच टकराव की समस्या को भी खत्म करेगी। हालांकि सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भूमि अधिग्रहण और अन्य बाहरी अड़चनें समय पर सुलझती हैं या नहीं। जैसे-जैसे मुंबई जनसंख्या के लिहाज से और तेज़ी से बढ़ रहा है, ऐसी आधारभूत परियोजनाओं की सफलता न केवल यातायात को सुलभ बनाएगी, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली पर भी गहरा प्रभाव डालेगी।












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