Ro-Ro Ferry हो रही शुरू, पानी के रास्ते 5 घंटे में पूरा होगा मुंबई-कोंकण का सफर, जानें समय, किराया और रूट
Mumbai-Vijaydurg Ro Ro Ferry: मुंबई के लोगों को समुद्र मार्ग से यात्रा करने के लिए बड़ा तोहफा मिलने वाला है। मुंबई से विजयदुर्ग रो-रो (रोल-ऑन/रोल-ऑफ) फेरी सर्विस शीघ्र शुरू होने जा रही है। विजयदुर्ग के बीच पानी के रास्ते ये सफर महज पांच से छह घंटे में पूरा होगा। Ro Ro Ferry के संचालन की जिम्मेदारी महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड संभालेगा जिससे कोंकण में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आइए जानते हैं Ro Ro Ferry कब से हो रही शुरू, रूट और किराया क्या होगा?
दरअसल, सिंधुदुर्ग के पालक मंत्री नीतेश राणे ने M2M कंपनी की बोट का पहला टिकट बुक कर सेवा का शुभारंभ कर दिया है मंत्री राणे ने कोंकण तट पर जल परिवहन शुरू करने के लिए लगातार प्रयास किए थे। यह पहल यात्रियों को सुविधा देने के साथ-साथ समुद्री पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

Ro Ro Ferry कब होगी शुरू?
पहली बोट 1 मार्च को सुबह 8 बजे मुंबई बंदरगाह से विजयदुर्ग के लिए चलेगी और दोपहर 3 बजे पहुंचेगी। वापसी में, 2 मार्च को दोपहर 12 बजे विजयदुर्ग से चलकर बोट शाम 7 बजे मुंबई में दाखिल होगी। मार्च महीने में इस मार्ग पर कुल 16 फेरे नियोजित हैं।
मुंबई से विजयदुर्ग Ro Ro Ferry का टाइमटेबल
गणेशोत्सव के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रियों को इस रो-रो फेरी का बेसब्री से इंतजार कई वर्षों से था। मुंबई से विजयदुर्ग के लिए यात्राएं 4, 7, 11, 14, 18, 21 और 25 मार्च को होंगी। वहीं, विजयदुर्ग से मुंबई के लिए बोट सेवाएं 5, 8, 12, 15, 19, 22 और 26 मार्च को उपलब्ध रहेंगी।
Ro Ro Ferry का क्या होगा किराया?
मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सर्विस के प्रस्तावित टिकट दर निर्धारित कर दी गई है। जिसमें इकोनॉमी ₹2,500, प्रीमियम इकोनॉमी ₹4,000। दोपहिया वाहन के लिए ₹1,000, साइकिल के लिए ₹600, जबकि चारपहिया वाहन का किराया ₹6,000 निर्धारित किया गया है।
Ro Ro Ferry से खासियत
- फेरी मुंबई के भाऊचा ढक्का से सीधे विजयदुर्ग तक चलेगी।
- ट्रेन की तुलना में यात्रा समय आधा हो जाएगा और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
- मार्ग पर पैसेंजर जेटी को Ro-Ro जेटी में अपग्रेड किया गया है।
- यात्री अपने दो- या चारपहिया वाहन भी फेरी पर ले जा सकते हैं।
- दोपहिया वाहन: 1000 रुपये
- चारपहिया वाहन: 4500-6000 रुपये
क्यों बंद हुआ था मुंबई-कोंकण मार्ग
मुंबई-कोंकण मार्ग पर पहले भी जल परिवहन था, जो एक दुखद जहाज दुर्घटना के बाद बंद हो गया था। बंदर विकास विभाग का प्रभार मिलने के बाद, नीतेश राणे ने केंद्र सरकार से इस यात्री सेवा को बहाल करने की पैरवी की थी। यदि इसे अच्छा प्रतिसाद मिलता है, तो कोंकण का पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।












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