मनी लॉन्ड्रिंग केस: अनिल देशमुख को राहत नहीं, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली, 6 नवंबर: महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। 1 नवंबर को ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया। उस दौरान कोर्ट ने उन्हें 6 नवंबर तक ईडी की कस्टडी में भेजा था। इस वजह से शनिवार को स्पेशल PMLA कोर्ट में मामले की फिर से सुनवाई हुई। जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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दरअसल 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी गाड़ी मिली। इसके बाद मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया। फिर तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का ट्रांसफर हुआ। जिस पर परमबीर ने अनिल देशमुख के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उन पर करोड़ों की वसूली का आरोप लगाया। पूर्व कमिश्नर के मुताबिक अनिल देशमुख ने वाजे को मुंबई के पब-बार आदि से 100 करोड़ की वसूली का टास्क दिया था। इस मामले में सीबीआई के साथ ईडी ने भी जांच शुरू की थी। जिसमें उन्हें 1 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया।
'अब रिश्तेदारों का नंबर'
वहीं दूसरी ओर देशमुख की गिरफ्तारी के बाद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर लिखा था कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख गिरफ्तार हो चुके हैं। अब अन्य नेताओं की बारी है। उनके बेटे, दामाद, साझेदार, अनिल पारब समेत शिवसेना और एनसीपी के नेताओं तक इस केस के तार गए हुए हैं। वहीं दूसरी ओर ईडी ने अनिल के बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक अगर उनके जवाब से ईडी संतुष्ट नहीं हुई, तो गिरफ्तारी हो सकती है।












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