'डांस बार चलाते हैं दक्षिण भारतीय' ठेकेदार की पिटाई के बाद अब MLA संजय गायकवाड़ की फिसली जुबान
Shiv Sena Mla Sanjay Gaikwad: एक विवाद थमा नहीं था कि शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ ने नया बम फोड़ दिया है। पहले जहां वे कैंटीन ठेकेदार की पिटाई कर सुर्खियों में थे, अब उन्होंने दक्षिण भारतीय समुदाय को लेकर ऐसा जहरीला बयान दे दिया, जिसने सियासी तापमान और भी बढ़ा दिया है।
उनकी जुबान से निकले शब्द सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसके साथ ही सामाजिक स्तर पर भी तीखी आलोचना का कारण बन गए हैं - और अब गायकवाड़ की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रहीं।

क्या कहा संजय गायकवाड़ ने?
इंडिया टुडे टीवी से बातचीत के दौरान, बुलढाणा से दो बार विधायक रहे संजय गायकवाड़ ने कहा कि "कैंटीन का ठेका शेट्टी नामक व्यक्ति को क्यों दिया गया? ठेका किसी मराठी व्यक्ति को दो, जिसे हमारी खान-पान की समझ हो और वह अच्छा खाना देगा। दक्षिण भारतीय लोग डांस बार और लेडीज बार चलाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की संस्कृति को बिगाड़ा है। हमारे बच्चों को भ्रष्ट किया है। ऐसे लोग अच्छा खाना कैसे देंगे?"
गायकवाड़ के इस बयान को न केवल क्षेत्रीयता और सांप्रदायिकता भड़काने वाला माना जा रहा है, बल्कि यह संविधान की मूल भावना - समावेशिता और समानता - का भी उल्लंघन करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद शुरू विवाद, ठेकेदार को मारा था थप्पड़, घूंसे
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एक दिन पहले मुंबई के आकाशवाणी एमएलए निवास में संजय गायकवाड़ द्वारा एक कैंटीन ठेकेदार को थप्पड़ और घूंसे मारने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक बनियान और गमछे में ठेकेदार को एक दाल के पैकेट की बदबू सूंघने के लिए मजबूर करते हैं और फिर उसे बेरहमी से पीटते हैं।
उनका आरोप था कि ठेकेदार ने विधायकों और कर्मचारियों को बासी खाना परोसा, जिससे उन्हें गुस्सा आया और उन्होंने यह कदम उठाया।
मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने जताई नाराजगी
वीडियो वायरल होने और मीडिया में हंगामा मचने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायक के व्यवहार को सख़्त शब्दों में नकारा। उन्होंने कहा कि "इस तरह का व्यवहार किसी भी नेता को शोभा नहीं देता। इससे विधायिका की छवि को ठेस पहुंचती है और आम जनता में यह संदेश जाता है कि जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वहीं, शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी खुद को गायकवाड़ के बयान और बर्ताव से अलग किया। शिंदे ने कहा कि "मैंने संजय गायकवाड़ से बात की है और उन्हें बताया है कि उनका व्यवहार अनुचित था। अगर कोई गड़बड़ी हो रही है, तो उसके लिए कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है, लेकिन किसी को पीटना उचित नहीं है। मैं उनकी कार्रवाई का समर्थन नहीं करता।"
सामाजिक और राजनीतिक हलकों में आक्रोश
संजय गायकवाड़ के बयान ने खासतौर पर दक्षिण भारतीय समुदाय में नाराज़गी पैदा कर दी है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र-तेलंगाना संगठनों ने इसे "क्षेत्रीय घृणा फैलाने वाला" करार दिया है। मुंबई में बसे दक्षिण भारतीयों के कई सामाजिक संगठनों ने विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और माफी की मांग की है।
साथ ही, विपक्षी दलों - विशेषकर कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना - ने इस बयान को लेकर शिंदे सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।












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