Maratha Quota Protest: मनोज जारांगे पाटिल की भूख हड़ताल खत्म, बोले- 2 महीने में हल हो मराठा आरक्षण का मुद्दा
Manoj Jarange Patil Hunger Strike: मराठा आरक्षण की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने गुरुवार को अपना अनशन समाप्त कर लिया है। उन्होंने सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद अनिश्चितकालीन अनशन को खत्म करने का फैसला किया।
मनोज जारांगे पाटिल मराठा आरक्षण की मांग करते हुए 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया।

प्रतिनिधिमंडल में हाईकोर्ट के रिटायर जज संदीप शिंदे, एम जी गायकवाड़ और अन्य के एक डेलिगेशन ने मनोज पाटिल से मुलाकात की। बैठक के बाद जारांगे अपना अनिश्चितकालीन उपवास समाप्त करने पर सहमत हुए।
इसी के साथ उन्होंने शिंदे सरकार से दो महीने के भीतर मराठा आरक्षण के मुद्दे का समाधान करने को कहा है।बताया जा रहा है कि मुताबिक जारांगे ने सरकारी प्रतिनिधिमंडल से बैठक के दौरान मांग रखी की पूरे महाराष्ट्र में मराठों को आरक्षण दिया जाना चाहिए।
इसी के साथ जारांगे ने राज्य सरकार से मराठों को आरक्षण आवंटित होने तक भर्ती नहीं करने की भी अपील की। जारांगे मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 25 अक्टूबर से जालना जिले के अपने गांव अंतरवाली सरती में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे।
मराठा आरक्षण को लेकर जारांगे ने कहा जब तक सरकार हमें आरक्षण नहीं देती, मैं रुकने वाला नहीं हूं। हम आपको आखिरी अल्टीमेटम दे रहे हैं। मराठवाड़ा का प्रश्न हल हो गया, लेकिन हम सभी मराठों के लिए लड़ रहे हैं। हमने 40 साल तक संघर्ष किया है और इंतजार किया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को कम से कम दो महीने में इस मुद्दे को हल करने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने कहा, "अगर वे अपना वादा तोड़ते हैं, तो हम उन्हें हर जगह रोक देंगे। हम मुंबई की ओर चलेंगे। हम उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक काम बंद कर देंगे। हम सब्जियां, दूध और अन्य चीजें जैसी कृषि उपज उपलब्ध नहीं कराएंगे।"












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