Maharashtra weather: नवरात्रि में होगी झमाझम बारिश, 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी, कैसा रहेगा मुंबई का मौसम
Maharashtra weather: महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पिछले दो-तीन दिनों से बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस बीच, राज्य में अगले चार से पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए कई जिलों में बारिश का अनुमान व्यक्त किया है।
कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने के साथ बारिश का अनुमान है, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान, उत्तरी अंडमान सागर में म्यांमार के तट के पास सोमवार तक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है।

इन हवाओं के प्रभाव से 25 सितंबर तक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की उम्मीद है। यह कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश से मराठवाड़ा तक भी एक कम दबाव का बेल्ट सक्रिय है। राज्य भर में रविवार से बारिश की संभावना है।
14 जिलों के लिए जारी किया गया अलर्ट
वर्तमान मानसून का अनुमान है कि 22 सितंबर तक महाराष्ट्र में भारी बारिश, तूफान और तेज़ हवाएं चलेंगी। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र (पुणे, सातारा, कोल्हापुर) और विदर्भ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पुणे, ठाणे सहित कुल 14 जिलों को अलर्ट मिला है।
कैसा रहेगा मुंबई का मौसम?
कुछ इलाकों में भारी, तो कुछ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जिन शहरों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है उनमें मुंबई भी शामिल है। मुंबई में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पिछले कुछ दिनों से मुंबई में बारिश की कमी के कारण उमस महसूस की जा रही है, और तापमान में भी थोड़ी वृद्धि हुई है।
किन जिलों में होगी बारिश?
रायगढ़, रत्नागिरी, नासिक, अहिल्यानगर, पुणे, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, परभणी, लातूर और धाराशिव जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इसके अलावा, मुंबई, ठाणे, पालघर, सिंधुदुर्ग, धुले, नंदुरबार, जलगांव, कोल्हापुर, सातारा और सांगली में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
भारी बारिश से किसानों को हुआ भारी नुकसान
गौरतलब है कि इस साल राज्य में भारी बारिश के कारण कृषि को काफी नुकसान हुआ है, जिससे किसान और राजनीतिक दल 'ओला दुष्काल' (गीला सूखा) घोषित करने की मांग कर रहे हैं। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने अकोला और वाशिम में कृषि क्षति का जायजा लेने के बाद कहा कि सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से हताश न होने की अपील भी की।
मानसून क्या करेगा वापसी?
कुल मानसून सत्र (जून से 17 सितंबर) में सामान्य से 8% अधिक बारिश हुई है। आईएमडी के अनुसार, मानसून महाराष्ट्र से अक्टूबर की शुरुआत, लगभग 5 अक्टूबर तक वापसी कर सकता है। हालांकि, राजस्थान से इसकी वापसी 14 सितंबर को शुरू हो गई थी, लेकिन दक्षिणी हिस्सों में यह बरकरार रहेगा। पूरे देश से 1 अक्टूबर के बाद इसकी वापसी अपेक्षित है।
इस साल मानसून केरल में 24 मई, 2025 को पहुंचा, जो 2009 के बाद सबसे जल्दी है। महाराष्ट्र में इसने 25 मई को प्रवेश किया (जो 35 वर्षों में सबसे जल्दी है)। न्यूट्रल ENSO और IOD के कारण बारिश औसत से अधिक (8% वृद्धि) हुई।












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