Maharashtra Weather: महाराष्ट्र के इन जिलों में चलेगी तूफानी हवाएं, होगी तेज बारिश, मुंबई का कैसा रहेगा हाल?
Maharashtra Weather: महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद अप्रत्याशित बना हुआ है। 24 मार्च 2026 के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य एक ही समय में दो अलग-अलग मौसमी घटनाओं का सामना कर रहा है। एक तरफ, विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण बिजली कड़कने के साथ तूफानी हवाओं के साथ तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
वहीं दूसरी ओर, मुंबई सहित पूरे कोंकण तट पर रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। इस दोहरी चुनौती के मद्देनजर, मौसम विभाग ने नागरिकों से अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। अगले तीन दिनों तक विभिन्न जिलों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, तो वहीं मुंबई और कोंकण पर गर्मी का साया रहेगा।

महाराष्ट्र के इन जिलों में चलेगी तूफानी हवाएं
अगले तीन दिनों तक कई जिलों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। इनमें शिव, लातूर, नांदेड़, हिंगोली, बीड, सांगली और सोलापुर शामिल हैं, जहाँ हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पुणे और अहिल्यानगर (अहमदनगर) में तीन दिन हल्की बारिश संभव है। वहीं, सातारा और कोल्हापुर में आज व कल हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं।
विदर्भ के किन जिलों में होगी बारिश?
विदर्भ क्षेत्र के लिए भी बारिश का अलर्ट है। चंद्रपुर, गढ़चिरौली और यवतमाल में गुरुवार को तूफानी बारिश संभावित है। नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में आज भले ही बारिश न हो, पर अगले 48 घंटों में इसका ज़ोर बढ़ सकता है। उत्तर महाराष्ट्र के धुले और नंदुरबार में बुधवार को हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहेंगे।
मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ और रत्नागिरी में कैसा रहेगा मौसम?
कुछ इलाकों में बारिश की आशंका के बावजूद, मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में आसमान साफ रहेगा। हालांकि, अरब सागर की नमी से इन क्षेत्रों में जबरदस्त उमस और गर्मी महसूस होगी। इन पाँच जिलों के लिए उष्ण लहर (हीटवेव) की चेतावनी जारी हुई है, अतः लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट अपेक्षित है, जिससे सुबह-रात में थोड़ी ठंडक मिलेगी, पर दोपहर की गर्मी बनी रहेगी। इस अस्थिर मौसम में रोज़ाना कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएँ। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। किसानों को कटाई हो चुकी फसलों को तूफानी हवाओं से बचाने हेतु सुरक्षित जमा करने की हिदायत है।
क्यों मौसम में अचानक हो रहा बदलाव?
मौसम में इन बदलावों का कारण भूमध्य सागर से आने वाली नम हवाएँ हैं, जो हिमालय की ओर बढ़कर उत्तर भारत में बारिश व हिमपात करती हैं। यह शक्तिशाली प्रणाली बादलों की गोलाकार गति तेज करती है। अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आती आर्द्र हवाएँ ज़मीन की गर्म हवा से मिलकर अचानक घने बादल और बिजली के साथ मॉनसून-पूर्व की बारिश लाती हैं।












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