महाराष्ट्र की इस दिग्गज नेता को पार्टी में मिले शख्स से पहली नजर में हुई थी मोहब्बत, खूबसूरत है प्रेम कहानी
सुप्रिया सुले को अपने चचेरे भाई अजीत पवार द्वारा धोखा दिए जाने के 14 महीने बाद, सुले और उनके पिता शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पुनर्निर्माण के लिए कड़ी मेहनत की है। अजित ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल होने के लिए पार्टी का नाम, उसका चुनाव चिन्ह और उसके अधिकांश विधायकों को छीन लिया था।
सुप्रिया का राजनीतिक जीवन सभी को पता है, लेकिन क्या आपको उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानकारी है? क्या आप सुप्रिया सुले की लव स्टोरी जानते हैं? आज हम उसी के बारे में बताने वाले हैं। शरद पवार की प्यारी बेटी सुप्रिया सुळे भी अपने पिता की तरह राजनीति में सक्रिय हैं।
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सुप्रिया सुळे का जन्म 30 जून 1969 को पुणे में हुआ था। उन्होंने पुणे के सेंट कोलंबस स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विषय में मुंबई के जय हिंद कॉलेज से बी.एस.सी. पूरी की।
बी.एस.सी पूरी करने के बाद वह पुणे में अपने काका के पास आईं और उन्होंने एक अखबार में काम करना शुरू किया। इस नौकरी के दौरान एक करीबी दोस्त की पार्टी में सुप्रिया को एक व्यक्ति मिले। इस व्यक्ति का नाम था सदानंद सुळे। सदानंद सुळे महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व निदेशक भालचंद्र सुळे और शशि भट्ट के बेटे हैं। शशि भट्ट एक बैडमिंटन खिलाड़ी रही हैं। वह भारतीय सिविल सेवा अधिकारी एम डी भट्ट की बेटी हैं।
सदानंद को सुप्रिया पहली नजर में ही पसंद आ गईं। उनके बीच पहले दोस्ती हुई और फिर वे एक-दूसरे के प्यार में पड़ गए। एक समय ऐसा आया कि दोनों को लगा कि शादी करनी चाहिए, इसलिए दोनों ने अपने-अपने घर पर बताया और शादी तय हो गई। इस तरह सुप्रिया को सदानंद सुळे के रूप में उनका जीवनसाथी मिला।
शादी में बांटे गए थे 5 टन पेड़े
हालांकि सुप्रिया की शादी 4 मार्च 1991 को सदानंद के साथ सादगी से करने की योजना थी, लेकिन यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था। उस समय के प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इस कार्यक्रम में बारामती में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम से पहले, पवार ने खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र के 54 गांवों का दौरा किया था ताकि लोगों को निमंत्रण दे सकें और उनसे अनुरोध कर सकें कि वे कोई उपहार न लाएं। ऐसा कहा जाता है कि शादी में एक लाख से अधिक मेहमान आए थे और कार्यक्रम में पांच टन 'पेड़े' वितरित किए गए थे। शादी के समय सुप्रिया 21 साल की थीं और सदानंद 26 साल के थे।
शादी के बाद सुप्रिया कुछ वर्षों के लिए अमेरिका चली गईं और उन्होंने बर्कले यूनिवर्सिटी में जल प्रदूषण पर एक रिसर्च पेपर भी लिखा, जिसकी बाद में भारत में काफी चर्चा हुई थी। अमेरिका के बाद सदानंद ने सिंगापुर और जॉर्जिया में नौकरी की, तब सुप्रिया सुळे उनके साथ थीं। इसके बाद दोनों भारत लौट आए और सुप्रिया राजनीति में सक्रिय हो गईं। उनके दो बच्चे हैं, विजय सुळे और रेवती सुळे।
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