Maharashtra News:क्या उद्धव ठाकरे को एक और झटका लगेगा, एकनाथ शिंदे कैंप का बड़ा दावा
मुंबई, 5 अक्टूबर: Dussehra Rally Shiv Sena मुंबई में शिवसेना का दोनों गुट इधर वार्षिक दशहरा रैली की तैयारियों में जुटा रहा, उधर उद्धव ठाकरे की गुट को लेकर शिंदे गुट ने एक और बहुत दावा करके सनसनी मचा दी। शिवसेना के लोकसभा सांसद कृपाल तुमाने ने बुधवार को दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के दो सांसद और पांच विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने जा रहे हैं। यह घोषणा दोनों गुटों की ओर से दशहरा रैली के आयोजन के बीच की गई, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नए सिरे से सरगर्मी आ गई है।

उद्धव ठाकरे को एक और झटका देने की तैयारी!
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक न्यूज चैनल के हवाले से बताया कि शिवसेना सांसद कृपाल तुमाने ने बुधवार को दावा किया कि शाम में होने वाली मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैंप की दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के 2 सांसद और 5 एमएलए सीएम गुट में शामिल होने वाले हैं। तुमाने ने बताया है कि दोनों सांसद मुंबई और महाराठवाड़ा क्षेत्र के हैं। शिंदे गुट के नेता तुमाने ने कहा कि 'आप शाम में देखेंगे।' उन्होंने कहा कि जो शिंदे गुट की विचारधारा में विश्वास करते हैं, वो खुद संपर्क कर रहे हैं और शामिल हो रहे हैं। तुमाने महाराष्ट्र के रामटेक से सांसद हैं।

ज्यादातर एमएलए और सांसद शिंदे के साथ
मौजूदा समय में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ सीएम समेत शिवसेना के 40 विधायक और 12 लोकसभा सांसद हैं। जबकि, उद्धव गुट के साथ सिर्फ 15 एमएलए और 6 लोकसभा सांसद बच गए हैं। इस साल जून में दो फाड़ होने से पहले शिवसेना के पास महाराष्ट्र से 18 और दादर और नगर हवेली से एक लोकसभा सांसद थे। शिंदे गुट की दशहरा रैली मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स के एमएमआरडी मैदान में आयोजित की गई है।

जून में गिर गई थी उद्धव सरकार
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे गुट को बॉम्बे हाई कोर्ट की दखल की वजह से दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में ही दशहरा रैली की अनुमति मिली है। शिंदे ने 39 विधायकों के साथ उद्धव के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करके जून महीने में अलग गुट बना लिया था और बीजेपी के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना ली थी। उनके विद्रोह की वजह से ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी की सरकार गिर गई थी। शिंदे ने 30 जून को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ नई सरकार का गठन किया था।
दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जबसे शिवसेना पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह पर फैसला लेने के लिए चुनाव आयोग को सुनवाई करने की अनुमति दी है, शिंदे कैंप का हौसला बुलंद है। क्योंकि, चुनाव आयोग को पार्टी पर किसी तरह का फैसला लेने से रोकने को लेकर उद्धव गुट ने ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कपिल सिब्बल जैसे वकील ने उसके पक्ष में तमाम दलीलें पेश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के अधिकार पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।












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