महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़, शरद पवार बोले- 'अजित पवार ही हमारे नेता, NCP में कोई फूट नहीं'
Maharashtra politics: पहले शिवसेना और फिर एनसीपी में फूट के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस बीच अब शरद पवार ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सियासी हंगमा मच गया है।
महाराष्ट्र के बारामती में शरद पवार ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि एनसीपी में किसी तरह की कोई फूट नहीं हुई है और इसमें भी कोई मतभेद नहीं है कि अजीत पवार ही पार्टी के नेता हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने कहा, 'किसी पार्टी में आखिर फूट कैसे पड़ती है? फूट तब पड़ती है, जब किसी पार्टी का एक बड़ा धड़ा राष्ट्रीय स्तर पर अलग होने का ऐलान कर देता है। लेकिन, आज अगर देखें तो एनसीपी में ऐसा कुछ भी नहीं है। हां, मैं मानता हूं कि पार्टी के कुछ नेताओं ने अलग रुख अपनाया है, लेकिन इसे एनसीपी में फूट नहीं कहा जा सकता। एनसीपी में लोकतंत्र है और पार्टी नेता अपना अलग रुख अपना सकते हैं, लेकिन एनसीपी में कोई टूट नहीं हुई है और पार्टी के नेता अजीत पवार ही हैं।'
'ईडी के डर से भाजपा के साथ गए हमारे विधायक'
आपको बता दें कि इससे पहले 20 अगस्त को पुण के एक कार्यक्रम में भी शरद पवार ने अपनी पार्टी के बागी विधायकों को लेकर बयान दिया था। शरद पवार ने कहा था, 'एनसीपी के जो नेता अजित पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल हुए हैं, उनके ऊपर ईडी की जांच चल रही थी। ये नेता ईडी की जांच का सामना नहीं करना चाहते थे और इसीलिए अजित पवार गुट में शामिल होकर, महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा बने हैं।'
'अनिल देशमुख भाजपा के सामने नहीं झुके'
शरद पवार ने आगे कहा, 'एनसीपी में अनिल देशमुख जैसे नेता भी हैं, जिन्होंने भाजपा के सामने हार मानने के बजाय जेल जाने का विकल्प चुना और 14 महीने सलाखों के पीछे गुजारे। उन्हें भी ऑफर दिया गया था कि या तो भाजपा में शामिल हो जाइए, या फिर ईडी की जांच का सामना करिए, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, तो फिर मैं क्यों डरूं। उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी।'












Click it and Unblock the Notifications