Maharashtra politics: फिर महत्वपूर्ण हुई स्पीकर की भूमिका, उद्धव और शरद पवार का एक जैसा दर्द!
महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार समेत एनसीपी के 9 एमएलए को अयोग्य ठहराने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के पास याचिका लगाई है। लेकिन, कम ही लोगों को उम्मीद है कि स्पीकर शरद पवार के खेमे की अर्जी पर जल्द कोई फैसला सुनाएंगे।
दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पास मूल शिवसेना के 16 एमएलए के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दायर अयोग्यता का मामला करीब एक साल से लंबित है। वे सारे विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले मौजूदा शिवसेना के हैं।

स्पीकर 'एक उचित अवधि' में लें निर्णय-सुप्रीम कोर्ट
इस साल 11 मई को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने मूल शिवसेना के 16 एमएलए के खिलाफ अयोग्यता के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था, जिसमें सीएम शिंदे भी शामिल हैं। तब सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि अयोग्यता की अर्जी पर स्पीकर 'एक उचित अवधि' में निर्णय लें। लेकिन, दो महीने पूरे होने में कुछ ही दिन बाकी हैं, स्पीकर ने अभी तक अपना फैसला नहीं सुनाया है।
शिवसेना के कुल 54 एमएलए की अयोग्यता पर फैसला लंबित
महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन में शामिल तीनों दलों- शिवसेना (उद्धव), कांग्रेस और एनसीपी का आरोप है कि सीएम एकनाथ शिंदे और उनके विधायकों को अयोग्यता से बचाने के लिए स्पीकर की ओर से देरी की जा रही है। वैसे तथ्य ये है कि राहुल नार्वेकर सिर्फ शिवसेना के मूल 16 बागी विधायकों के मामले को ही नहीं सुन रहे हैं। उनके पास संयुक्त शिवसेना के 54 एमएलए के खिलाफ अयोग्यता का मामला लंबित है। क्योंकि, दोनों गुटों की ओर से एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की अर्जी दी गई है। विपक्ष का आरोप है कि यह भी फैसले में 'देरी का एक हथकंडा' है।
एनसीपी की याचिका पर 'उचित कार्रवाई'- स्पीकर
सोमवार को स्पीकर नार्वेकर ने कहा है कि वह अजित पवार और 8 पार्टी एमएलए के खिलाफ एनसीपी की याचिका पर 'उचित कार्रवाई' करेंगे। यह पूछे जाने पर कि अजित पवार को एनसीपी के कितने एमएलए का समर्थन है, तो उन्होंने कहा, 'मेरे पास इसकी कोई सूचना नहीं है।' यही नहीं, रविवार को शरद पवार की एनसीपी ने आनन-फानन में अजित पवार की जगह जितेंद्र अव्हाड को विपक्ष का नया नेता नियुक्त किया था। लेकिन, स्पीकर का कहना है कि यह तय करना उनका विशेषाधिकार है।
पहली बार के एएमएलए हैं स्पीकर नार्वेकर
46 वर्षीय राहुल नार्वेकर एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद स्पीकर बने हैं। वह पहली बार बीजेपी के टिकट पर ही दक्षिण मुंबई की हाई-प्रोफाइल कोलाबा विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। पेशे से वकील नार्वेकर भाजपा के लिए भी नए हैं। क्योंकि, इससे पहले वह 15 साल तक शिवसेना और फिर एनसीपी से जुड़े रह चुके हैं। 2019 के चुनावों से ठीक पहले वे भाजपा में शामिल हुए थे। 2014 में उन्होंने मावल लोकसभा सीट से एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
तुलनात्मक रूप से कम अनुभव के बावजूद स्पीकर बनाए जाने के बारे में भाजपा के अंदर के लोगों का कहना है कि उन्हें कानून और विधायी मामलों की जानकारी होने की वजह से यह जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही वह अलग-अलग दलों में रह चुके हैं, यह भी उनकी विशेषता है। उनके ससुर रामराजे निम्बाल्कर एनसीपी के वरिष्ठ नेता हैं और विधान परिषद के पूर्व सभापति रह चुके हैं। जबकि, उनके पिता बीएमसी में पार्षद थे और उन्हें दोनों भाई और भाभी भी अभी पार्षद हैं।












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