maharashtra political crisis: उद्धव ठाकरे बोले- CM और सेना चीफ पद छोड़ने के लिए तैयार हूं, लेकिन...
मुंबई, 22 जून: महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीज राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज शाम फेसबुक के जरिए जनता को संबोधित किया। उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि, यह सच है कि मैं अपनी सर्जरी और स्वास्थ्य की स्थिति के कारण पिछले कुछ महीनों में लोगों से नहीं मिल सका। लेकिन अब, मैंने लोगों से मिलना शुरू कर दिया है। कुछ लोग कहते हैं कि यह बाला साहब की शिवसेना नहीं है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि, उन्हें बताना चाहिए कि बाला साहब के विचार क्या थे। ये वही शिवसेना है जो अपने जमाने में थी 'हिंदुत्व' ही हमारी जान है। ठाकरे ने कहा कि, शिवसेना को हिंदुत्व से अलग नहीं किया जा सकता है। एकनाथ शिंदे के साथ गए विधायकों के फोन आ रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि उन्हें जबरन ले जाया गया। मैं इस बात में नहीं पड़ना चाहता कि हमारे विधायकों के साथ क्या हो रहा है और वे कहां जा रहे हैं या उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि, शरद पवार और कमलनाथ ने मुझे फोन करके कहा कि वे चाहते हैं कि मैं मुख्यमंत्री बना रहूं।उद्धव ने कहा कि, अगर अपने ही लोगों को मैं मुख्यमंत्री के पद पर नहीं चाहिए तो मुझे क्या करना चाहिए? यही बात अगर आपको कहनी थी तो मेरे सामने कहने में क्या दिक्कत थी इसके लिए आपको सूरत जाने की क्या जरूरत थी। इनमें से एक भी विधायक कहता कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री के रूप में नहीं चाहिए तो अभी इस्तीफा देने को तैयार हूं। अगर आप चाहते हैं कि मैं सीएम पद पर ना रहूं तो ठीक है लेकिन ये बात आपको मेरे सामने आकर कहनी होगी।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि, 2019 में जब तीनों दल एक साथ आए तो शरद पवार ने मुझसे कहा कि मुझे सीएम पद की जिम्मेदारी लेनी है। मुझे पहले का अनुभव भी नहीं था। लेकिन मैंने जिम्मेदारी ली। शरद पवार और सोनिया गांधी ने मेरी बहुत मदद की, उन्होंने मुझ पर अपना विश्वास बनाए रखा। अगर कोई विधायक चाहता है कि मैं मुख्यमंत्री नहीं रहूं, तो मैं अपना सारा सामान वर्षा बंगले (मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास) से मातोश्री ले जाने के लिए तैयार हूं। मैंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने इस्तीफे का पत्र तैयार रखा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि, सीएम के पद आते और जाते रहते हैं लेकिन असली संपत्ति लोगों का स्नेह है। पिछले 2 वर्षों में, मैं भाग्यशाली रहा कि मुझे लोगों से बहुत स्नेह मिला। अगर एकनाथ शिंदे आकर बोल दें तो मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। सब लोगों (MLA) ने मेरा समर्थन किया लेकिन अपने ही लोगों (MLA) ने समर्थन नहीं किया। अगर मेरे खिलाफ एक भी वोट विरोध में जाता है तो में मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं।
ठाकरे ने कहा कि, यह संख्या के बारे में नहीं है लेकिन कितने मेरे खिलाफ हैं। एक भी व्यक्ति या विधायक मेरे खिलाफ होगा तो मैं चला जाऊंगा। अगर एक भी विधायक मेरे खिलाफ है तो यह मेरे लिए बहुत शर्मनाक है। अगर मैं इस्तीफा देता हूं तो शिवसेना का कोई दूसरा व्यक्ति मुझे सीएम के रूप में रिप्लेस करेगा तो खुशी होगी।
वहीं दूसरी ओर बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे को अपना नेता घोषित कर दिया है। शिंद के पास 40 विधायकों के सर्मथन का दावा है। एक चिट्ठी सामने आई है जिसमें 34 विधायकों के दस्तखत हैं। बागी विधायकों ने प्रस्ताव पास किया है। एकनाथ शिंद ने बागियों के गुट को असली शिवसेना बताया है।












Click it and Unblock the Notifications