महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति का दिखा दम, महाविकास अघाड़ी की एकता की खुली पोल
महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनावो में एनडीए के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। महायुति ने 11 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। जिसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भाजपा की पंकजा मुंडे सहित गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत का जश्न मनाया।
महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को केवल दो सीटों पर ही जीत मिली है। शिवसेना (यूबीटी) के मिलिंद नार्वेकर और कांग्रेस की प्रज्ञा सातव को चुनाव में जीत मिली है। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार द्वारा समर्थित किसानों और श्रमिकों की पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के जयंत पाटिल को हार का सामना करना पड़ा है। बता दें कि चुनाव में 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में थे।

विधान परिषद के चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 23 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत थी। ऐसे में 8 उम्मीदवारों ने प्रथम वरीयता के आधार पर जीत हासिल की। महायुति के सभी 9 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत दर्ज की है। जिसमे भाजपा की पंकजा मुंडे भी शामिल हैं।
एमवीए से मिलिंद नार्वेकर और प्रज्ञा सातव को जीत मिली है जबकि जयंत पाटिल को चुनाव में हार मिली है। उन्हें शरद पवार का समर्थन प्राप्त था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है।
शरद पवार गुट समर्थित पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार जयंत पाटिल पर्याप्त वोट हासिल नहीं कर पाने की वजह से हार गए। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने अपने 37 विधायकों में से 30 प्रथम वरीयता के वोट अपने उम्मीदवार के लिए आवंटित किए थे।
जबकि बचे हुए सात वोट शिवसेना यूबीटी के मिलिंद नार्वेकर के लिए आवंटित किए थे। लेकिन सातव को केवल 25 प्रथम वरीयता के वोट मिले जबकि नार्वेकर को 22 वोट मिले। ऐसे में माना जा रहा है कि कम से कम सात कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से यह आंकड़े काफी अहम हैं। यह दर्शाता है कि महाविकास अघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं है। जिस तरह से विपक्ष ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर दांव खेला था उसे महायुति ने फेल कर दिया।
महायुति गठबंधन की ताकत का इस बात से भी अंदाजा मिलता है कि उनके सभी सफल उम्मीदवारों ने आवश्यक वोट हासिल किए। विपक्ष ने अजित पवार गुट की एनसीपी के कुछ सदस्यों को शरद पवार गुट में लाने की कोशिश की लेकिन यह विफल रही।
चुनाव का नतीजा
भाजपा
पंकजा मुंडे- 26
परिणय फुके- 26
अमित गोरखे-26
सदाभाऊ खोट-14(दूसरे राउंड में विजयी)
एनसीपी
शिवाजी राव गर्जे- 24
राजेश वितेकर- 23
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)
कृपाल तुमाने-24
भावना गावली- 24
कांग्रेस
प्रज्ञा सातव- 25
शिवसेना (UBT)
मिलिंद नार्वेकर-22 (दूसरे राउंड में विजेता)
PWP
जयंत पाटिल-12 (हारे)
चुनाव में जयंत पाटिल को शरद पवार की पार्टी का समर्थन था, लेकिन महाविकास अघाड़ी के विधायकों ने उन्हें वोट नहीं दिया, जिसके चलते वो हार गए। कांग्रेस के 25 विधायकों ने प्रज्ञा सातव को वोट दिया, जबकि 6-7 वोट नार्वेकर को दिया।
ऐसे में इसके बाद बाकी के वोट क्रॉस होने के आसार हैं। एमवीए के निर्दलीय विधायक और छोटी पार्टी के विधायकों ने भी संभवत: प्रथम वरीयता के वोट एमवीए को नहीं दिया।
इस चुनाव से एक बात जरूर स्पष्ट तौर पर सामने आई है कि एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ के विधायक लोकसभा चुनाव के बाद भी उनके साथ हैं। वहीं लोकसभा चुनाव में विपक्ष दल के तौर पर कांग्रेस ने सर्वाधिक सीटों पर जीत दर्ज की है।
लेकिन विधान परिषद के चुनावों से यह बात सामने आई है कि पार्टी का अभी भी अपने सभी विधायकों पर नियंत्रण नहीं है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को आगामी विधान सभा चुनाव को लेकर मंथन की जरूरत है।












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