महाराष्ट्र के मंत्री माणिकराव को कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा, अजित पवार गुट के विधायक पर लगे हैं ये गंभीर आरोप
Maharashtra minister Manikrao: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और विधायक माणिकराव कोकाटे को नासिक सत्र न्यायालय से तगड़ा झटका लगा है। फडणवीस सरकार के मंत्री माणिकराव कोकाटे (Manikrao Kokate) और उनके भाई विजय कोकाटे को नासिक सत्र न्यायालय ने 2 साल की सजा सुनाई है और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
दरअसल, कोर्ट ने 28 साल पुराने मामले में नासिक सत्र न्यायालय ने 20 फरवरी को कोकाटे की दो साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी जिसे कोर्ट ने बरकरार रखा है। पुराने आदेश में मंत्री को फ्लैट आवंटन से जुड़े धोखाधड़ी मामले में दो साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।

Manikrao Kokate case details: माणिकराव से जुड़ा क्या है ये मामला?
यह मामला 1995 से 1997 के बीच का है। जिसमें अजित पवार की एनसीपी के विधायक और और मौजूदा मंत्री माणिकराव और उनके भाई पर धोखाधड़ी करके फ्लैट आवंटित करवाने का आरोप लगा था। माणिकराव कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे ने कम आय तथा कोई निजी आवास न होने का दावा किया था। 1995 में कम आय दिखाकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 10% कोटे के तहत सरकारी आवासीय योजनाओं के तहत दो फ्लैट प्राप्त किए थे।हालांकि, बाद में अधिकारियों को इसमें गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं।
माणिकराव के खिलाफ किसने दर्ज की थी शिकायत?
वर्ष 1995 में माणिकराव कोकाटे पर दस्तावेज़ों में हेराफेरी और धोखाधड़ी का आरोप लगा था। तत्कालीन मंत्री तुकाराम दिघोळे जो 1999 में कोकाटे से विधानसभा चुनाव हारे थे उन्होंने ये याचिका दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कोकाटे बंधुओं ने नासिक के येवलेकर माला स्थित कॉलेज रोड पर निर्माण व्यू अपार्टमेंट में दो फ्लैट धोखाधड़ी से हासिल करने के लिए दस्तावेज़ों में हेरफेर किया। नासिक के सरकार वाड़ा पुलिस स्टेशन में यह अपराध दर्ज किया गया था। यह मामला 1997 से लगातार अदालत में चल रहा था, जिस पर अब जाकर निर्णय आया है।
इस प्रकरण में कुल चार लोग आरोपी थे, जिनमें मंत्री माणिकराव कोकाटे, उनके भाई और दो अन्य व्यक्ति शामिल थे। अदालत ने शेष दो आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। वहीं, माणिकराव कोकाटे और उनके भाई को दो वर्ष की कैद के साथ 50,000 रुपये का जुर्माना चुकाने का आदेश दिया गया है।
माणिकराव ने फैसले को कोर्ट में किया था चैलेंज
माणिकराव कोकाटे ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी थी, पर सत्र अदालत ने जिला अदालत का फैसला बरकरार रखा। हालांकि, महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को फ्लैट सौंपने का आदेश रद्द हो गया। उनके पास अब बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील के लिए एक महीना है।
माणिक राव पांच बार रह चुके हैं विधायक
नाशिक के सिन्नर से पांच बार विधायक रहे कोकाटे का राजनीतिक करियर अस्थिर रहा है। वे शिवसेना और कांग्रेस जैसे दलों से जुड़ने के बाद अजीत पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट का हिस्सा बने। एनसीपी में विभाजन के बाद उन्हें कैबिनेट में कृषि विभाग मिला, पर उनका मंत्री पद लगातार विवादों से घिरा रहा। वहीं हाल ही में विधानसभा सत्र में मोबाइल पर गेम खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद बुरी तरह विपक्षी नेताओं के निशाने पर आ गए थे।












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