महाराष्ट्र महायुति में बढ़ी तकरार तो CM देवेंद्र फडणवीस पर डोरे डालने लगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT
Maharashtra News: महाराष्ट्र में महायुति सरकार के गठन के तीन महीने बाद भाजपा, शिवसेना, एनसीपी के बीच कई मुद्दों को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। सरकार के गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे नाराज चल रहे थे वहीं अब विधायी समितियों में केवल भाजपा विधायकों की नियुक्ति के बाद डिप्टी सीएम शिंदे ही नहीं एनपसी प्रमुख डिप्टी सीएम अजित पवार भी नाराज हो गए हैं।
वहींं महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में तनानती बढ़ते ही उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने देवेंद्र फडणवीस पर डोरे डालने शुरू कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक बाद फिर जमकर प्रशंसा की है।

शिवसेना (यूबीटी) शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुख पत्र सामना के संपादकीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीख के पुल बांधे हैं। शिवसेना यूटीबी ने ना केवल सीएम फडणवीस की प्रशंसा की है बल्कि सरकार के कामकाज में अनुशासन लाने के लिए फडणवीस के कड़े उपायों पर की तारीफ की है, जिसमें मंत्रियों को निजी सचिव और विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त करने से रोकने के उनके कदम की चर्चा की है।
ठाकरे की शिवसेना ने फडणवीस के लिए क्या कहा?
सामना के संपादकीय में बुधवार को फडणवीस की तारीफ करते हुए लिखा "देवेंद्र फडणवीस ने शासन में अनुशासन लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पिछले तीन सालों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। इसलिए महाराष्ट्र जैसे राज्य में राजनीति सड़ गई है। वित्तीय अनुशासन चरमरा गया है। हम सीएम फडणवीस को उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों के लिए बधाई देते हैं।"
क्यों कर रही फडणवीस की तारीफ?
दिलचस्प बात यह है कि इस साल सामना में फडणवीस की प्रशंसा करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले, इस प्रकाशन ने नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले के उनके दौरे के लिए उनकी प्रशंसा की थी। शिंदे के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच भाजपा के साथ दूरियों को पाटने के लिए शिवसेना (यूबीटी) द्वारा संभावित रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
फडणवीस पर डोरे डालने लगी उद्धव ठाकरे
बता दें ठाकरे की शिवसेना एकनाथ शिंदे के टाइगर ऑपरेशन से जूझ रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी क कई दिग्गज नेता शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं और अभी और बड़ी टूट होने की संभावना है। ऐसे में एक तरफ सीएम फडणवीस की ये प्रशंसा करके ठाकरे गुट जहां एकनाथ शिंदे को कमजोर करना चाहता है और भाजपा के साथ अपने तनाव को कम कर सभवतः राजनीतिक गठबंधनों को फिर से संगठित करने का प्रयास कर रहा है।महाराष्ट्र महायुति में घमासान! भाजपा के इस फैसले से अजित पवार, एकनाथ शिंदे हुए नाराज
फडणवीस ने शिंदे सेना के 'फिक्सर्स' को दिखाई उनकी जगह'
सामना में संपादकीय में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे फडणवीस ने ओएसडी और निजी सचिवों के लिए सुझाए गए 125 नामों में से 16 की नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जिससे प्रशासन के भीतर "बिचौलियों" और "फिक्सर" के प्रयासों को विफल कर दिया। यह निर्णय विशेष रूप से प्रभावशाली था क्योंकि इन अस्वीकृत "फिक्सर" में से 12 शिंदे गुट से जुड़े मंत्रियों की सिफारिशें थीं, जिससे ऐसी नियुक्तियों की आवश्यकता पर सवाल उठे।
पिछली शिंदे सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
सामना के लेख में आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे के पिछले नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार व्याप्त था और राज्य के घटते हुए फंड की परवाह किए बिना कमीशन देने वालों को सरकारी ठेके दिए जा रहे थे। कथित तौर पर अवैध गतिविधियों पर फडणवीस की कार्रवाई ने शिंदे गुट को वित्तीय संकट में डाल दिया है, क्योंकि शिंदे के पास आने वाले लोग मुख्य रूप से ठेकेदार या भ्रष्ट व्यवस्था के प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं।
इस पेपर में प्रमुख सरकारी निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से पार्टी फंड के अवैध अधिग्रहण के आरोपों का भी खुलासा किया गया है, जिसमें बढ़े हुए टेंडर और भूमि घोटाले शामिल हैं। इसमें एक घटना का जिक्र किया गया है जिसमें एक "मुख्य कलेक्टर" कथित तौर पर 10,000 करोड़ रुपये जमा करने के बाद दुबई भाग गया था, जिससे फडणवीस के भ्रष्टाचार विरोधी उपायों और भ्रष्ट अधिकारियों और उनके लाभार्थियों के बीच होने वाली घबराहट के बीच सीधा संबंध होने का संकेत मिलता है।












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