महाराष्‍ट्र महायुति में घमासान! भाजपा के इस फैसले से अजित पवार, एकनाथ शिंदे हुए नाराज

Maharashtra News: महाराष्‍ट्र की महायुति सरकार में तनातनी और बढ़ चुकी है। तीन महीने पहले प्रचंड बहुमत हासिल करके सत्‍ता पर काबिज हुई महायुति गठगंधन सरकार के दोनों डिप्‍टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार भाजपा के हालिया कदम से नाराज हो गए हैं।

इतना ही नहीं महायुति सरकार का प्रतिनिधित्‍व कर रही भारतीय जनता पार्टी के पक्षपात भरे रवैये और मनमानियों पर शिंदे शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने नाराजगी भी जाहिर की है। आइए जानते हैं आखिर मामला क्‍या है?

Maharashtra Mahayuti

भाजपा ने अपने विधायकों की विधायी समितियों में की नियुक्ति

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ( BJP) ने अपने 11 विधायकों को विभिन्न विधायी समितियों में नियुक्त कर दिया है, खासकर उन विधायकों के बीच जिन्हें फडणवीस कैबिनेट में मंत्री पद नहीं दिया गया। ऐसा करके भाजपा ने अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत कर लिया है।

एकनाथ शिंदे और अजित पवार हुए नाराज

भाजपा के इस कदम ने महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के भीतर असंतोष फैल गया है क्योंकि शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के लिए कोटे के तहत सृ समितियों का बंटवारा अभी बकाया है।इन नियुक्तियों से महायुति गठबंधन के बाद पहले से नाराज चल रही एकनाथ शिंदे और उनकी शिवसेना और नाराज हो गई हैं वहीं अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी इन नियुक्तियों को लेकर नाराज हो गई है।

बता दें इन विधायी समितियों के कामों की देखरेख करने वाले नेताओं में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री रवींद्र चव्हाण और रणधीर सावरकर शामिल हैं। जिससे साफ है कि इन पदों की क्‍या अहमियत है।

भाजपा ने क्‍यों चली ये चाल?

महाराष्‍ट्र चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीतने वाली भाजपा के प्रति‍निधित्‍व वाले फडणवीस मंत्रिमंडल में स्थान पाने से चूक गए भाजपा विधायकों को इन महत्वपूर्ण समिति में विभिन्‍न पदों को देकर उन्हें खुश करने के लिए भाजपा ने ऐसा किया है। भापा के इस कदम पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) सहित अन्य महायुति गठबंधन सहयोगियों के विधायकों को कब और कितना प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

विधानमंडल समितियों में इन भाजपा विधायकों को बनाया गया अध्‍यक्ष

बता दें राहुल कुल को सार्वजनिक उपक्रम समिति का अध्‍यक्ष,संतोष दानवे-पाटील को पंचायत राज समिति अध्‍यक्ष, रवी राणा को आश्वासन समिति का अध्‍यक्ष, नारायण कुचे को अनुसूचित जाति कल्याण समिति का अध्‍यक्ष, राजेश पाडवी को अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति मोनिका राजळे को महिला हक्क और कल्याण समिति मोनिका राजळे का अध्‍यक्ष, अतुल भाखलकर को मराठी हक्‍क समिति का अध्‍यक्ष
किसन कथोरे को इतर पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति का अघ्‍यक्ष, सचिन कल्याणशेट्टी को विधायक निवास व्यवस्था समिति का अध्‍यक्ष और धर्मादाय निजी अस्पताल जांच समिति का नमिता मुंदडा को अध्‍यक्ष बनाया गया है।

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