लंपी स्किन रोग के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार शुरू करेगी टीकाकरण, किसानों को नहीं देने होंगे पैसे
मुंबई, 13 सितंबर: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कम से कम 14 मवेशियों में लंपी त्वचा रोग (एलएसडी) का पता चला है। अधिकारियों ने कहा कि मवेशियों में लंपी त्वचा रोग के प्रसार को रोकने के लिए महाराष्ट्र पशुपालन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को टीकाकरण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। जिसे सरकार की ओर से मुफ्त में दिया जाएगा। इस बीमारी से अब तक राज्य में 43 मवेशियों की जान जा चुकी है।

पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के राज्य आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को कहा, महाराष्ट्र सरकार ने अगले सप्ताह से 50 लाख शीशियों के साथ लंपी त्वचा रोग वायरस के खिलाफ टीकाकरण की पेशकश करने का फैसला किया है। सिंह ने कहा कि किसानों को मवेशियों के टीकाकरण के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार को लंपी त्वचा रोग वायरस के खिलाफ टीके की 50 लाख शीशियां मिलने जा रही हैं। पशुपालन विभाग ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि संक्रमित क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में 1,755 गांवों में कुल 5,51,120 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुपालन विभाग ने यह भी कहा की इस बीमार पर लगाम लगाने के लिए उपयोगी दवाओं और टीकों की खरीद के लिए प्रत्येक जिले के लिए जिला योजना समिति से 1 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएं।
वहीं दूसरी ओर ठाणे के जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने जिले को एक 'नियंत्रित क्षेत्र' घोषित किया है और इस वायरस के संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिले से मवेशियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक अंबरनाथ, शाहपुर और भिवंडी क्षेत्रों में इस बीमारी का पता चला था। विज्ञप्ति के अनुसार ठाणे जिला परिषद ने एलएसडी रोधी टीके की 10,000 खुराक की मांग की है और तीन तहसीलों में अब तक 5,017 मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है।
एक अधिकारी ने कहा कि, मवेशियों में लंपी त्वचा रोग एक वायरस के कारण होता है। यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो यह घातक हो जाता है। राजस्थान में इस बीमारी से 50,000 से अधिक संक्रमित मवेशियों की मौत हो गई है। इसी तरह के मामले पंजाब और हरियाणा से भी सामने आए हैं।












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