मराठा आरक्षण विवाद: जालना हिंसा की जांच करेगी टॉस्क फोर्स, सीएम शिंदे ने की राज्य में शांति की अपील
मराठा आरक्षण विवाद के बीच जालना में हुई हिंसा का लेकर महाराष्ट्र सरकार सख्त हो गई है। जालना हिंसा की जांच के लिए टॉस्क फोर्स गठित कर दी गई है। सीएम शिंदे ने राज्य में शांति की अपील की है।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग के दौरान हिंसक झड़प को लेकर सख्स एक्शन लिया गया है। एसपी और एक अन्य अधिकारियों जिले से हटा दिया गया। जालना के हालात को लेकर सोमवार (4 जुलाई) को सीएम शिंदे ने बयान दिया। उन्होंने जालना हिंसा को दुर्भाग्यपू्र्ण बताते हुए जनता से राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखन में सहयोग देने की अपील की। सीएम ने कहा कि घटना की जांच कर रही टॉस्क फोर्स सच सामने लाएगी।
जालना हिंसा को लोकर मीडिया को दिए बयान में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ने घटना की जांच के लिए टॉस्क फोर्स गठित कर दिया है। सीएम शिंदे ने कहा, "हमारी सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, हरीश साल्वे जैसे वरिष्ठ वकील इसका हिस्सा हैं। हमारी सरकार इस पर बड़े पैमाने पर काम कर रही है। जालना में जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले भी मराठा समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने 58 विरोध प्रदर्शन हुए लेकिन उन्होंने कभी भी कहीं भी कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगाड़ी, हाल ही में जो घटनाएं हो रही हैं - कई राजनीतिक लोग मराठा समुदाय और विरोध के बहाने राजनीति करना चाहते हैं।

सीएम ने आगे कहा, "मैं उनसे राज्य को शांतिपूर्ण बनाए रखने का आग्रह करता हूं। हमारा कर्तव्य। एएसपी को जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है और एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की जांच की जा रही है। समिति एक रिपोर्ट पेश करेगी और हम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई करेंगे।"
दरअसल, महाराष्ट्र के जालना में मराठा आरक्षण की मांग के दौरान हिंसा के चलते तनाव की स्थिति है। पिछले हफ्ते शुक्रवार (1 सितंबर) को आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच में हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान 40 पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल कुछ अन्य लोगों को भी चोटें आईं थी। मामले में पुलिस ने 360 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। 16 की पहचान की जा चुकी है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल को भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।












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