महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सीएम उद्धव ठाकरे को सौंपा अपना इस्तीफा
मुंबई। भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसके बाद लगातार आलोचना झेल रहे गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अनिल देशमुख ने सीएम उद्धव ठाकरे से इस संबंध में मुलाकात की है। इससे पहले अनिल देशमुख ने एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात की थी।

इस मामले में एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि, हाई कोर्ट के आदेश आने के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की और अपनी इच्छा ज़ाहिर कि वे अपने पद पर नहीं रहना चाहते। जिसके बाद पार्टी ने निर्णय लिया है कि वे मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दें वह सीएम को अपना इस्तीफा देने के लिए गए हैं। पार्टी ने सीएम से उनका इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।इस्तीफा देने के लिए गृह मंत्री अनिल देशमुख मुख्यमंत्री के घर गए हुए हैं और हमें आशा है कि वे इस्तीफा स्वीकार करेंगे।
नवाब मलिक ने कहा कि, पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा स्वीकारे। वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा देने के लिए मुलाकात की है। महाराष्ट्र के सीएम को दिए अपने त्याग पत्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख का कहना है कि उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद गृह मंत्री के रूप में बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं लगता है।
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बता दें कि आज ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। यह फैसला हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की जनहित याचिका पर दिया है। परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर वसूली के लिए टारगेट देने का आरोप लगाया था और इसी संबंध में सीबीआई जांच की मांग की थी। परमबीर सिंह के आरोपों के बाद से ही अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग उठ रही थी। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
इससे पहले पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि '100 करोड़ रुपये' वसूली के आरोपों की जांच अब सीबीआई करेगी। कोर्ट ने कहा कि अनिल देशमुख पर ये आरोप लगाए गए हैं, वो ही राज्य के गृह मंत्री हैं, ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस पर निर्भर नहीं रह सकते हैं,इसलिए सीबीआई को इस मामले की जांच करनी चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि सीबीआई को शुरुआती जांच करनी चाहिए, जिसमें सभी को सहयोग करना होगा।15 दिनों के अंदर सीबीआई के डायरेक्टर को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अगर सीबीआई की रिपोर्ट में गृह मंत्री अनिल देशमुख पर केस पुख्ता बनता है, तो सीबीआई एफआईआर दर्ज करेगी।












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