महाराष्ट्र सरकार ने Ola Uber एग्रीगेटर्स के लिए गठित की टीम, रखेगी इन बिंदुओ पर नजर
शिंदे सरकार ने ओला उबर एग्रीगेटर्स पर नजर बनाए रखने और रुल्स रेगुलेशन के सही संचालन के लिए 6 सदस्यीय टीम का गठन किया है। जो यात्री सुरक्षा के साथ कई अहम बिंदुओं पर नजर बनाए रखेगी।

महाराष्ट्र में अब बिना लाइसेंस के Ola और Uber की टैक्सी नहीं चल सकती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 मार्च तक लाइसेंस न पाने वाली टैक्सियों को बंद करने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर शिंदे सरकार ने भी सख्त कदम उठाते हुए एक कमेटी का गठन किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने ऐप और वेब आधारित टैक्सी सेवा एग्रीगेटर्स के लिए नियमों और उनकी सतर्कता से पालन करवाने के लिए 6 सदस्यीय टीम का गठन किया है। ये कमेटी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों की भी जांच करेगी कि एग्रीगेटर्स के द्वारा उनका पालन किया जा रहा है या नहीं।
इस समिति की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) करेंगे, साथ ही उन्हें इसकी रिपोर्ट तीन महीने के अंदर सरकार के समक्ष पेश करनी होगी। इस समिति को गठित करने के बाद रुल्स और रेगुलेशन की समीक्षा की जा सकेगी। क्योकि, सिर्फ मुंबई में ही 75000 ओला उबर की टैक्सियां चलती हैं।
इस समिति को बनाने का उद्देश्य ये है कि ये समिति टैक्सी संचालको द्वारा लिया जा रहा किराया, ड्राइवर की ट्रेनिंग और उनके स्किल बैकग्राउंड पर नजर रखेगी। जिससे यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। वहीं, इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे कस्टमर और टैक्सी संचालक कंपनियां दोनों को ही लाभ होगा। साथ ही यात्री सुरक्षा के साथ ही उचित मूल्य और गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकेगा।
इसके साथ ही टैक्सी संचालन के लिए नियमों को लेकर टीम की विशेष सतर्कता रहेगी। जैसे Ola-Uber कंपनी अपना मनमाना किराया नहीं वसूल कर सकती हैं। इनका किराया राज्य सरकार तय कर सकती है। SOS का बटन प्रोवाइड कराया जाएगा। साथ ही टैक्सी की मूवमेंट को भी ट्रैक किया जा सकेगा। हर ड्राइवर को लाइसेंस पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही दिया जाएगा।
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