Maharashtra Elections: भिवंडी से शिवसेना कैंडिडेट संतोष शेट्टी की मजबूत दावेदारी, बदलेगा चुनावी समीकरण
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार महायुति की कैंडिडेट्स कई सीटों पर इंडिया ब्लॉक और अन्य दलों के उम्मीदवारों की तुलना में मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। भिवंडी को मुंबई का गोदाम माना जाता है क्योंकि इस क्षेत्र में बहुत सारी गोदामें हैं। भिवंडी एक तालुका का शहर है और यह ठाणे जिले में आता है। 1980 और 1985 के दौरान यह शिवसेना का गढ़ था। लेकिन यहां अब शिवसेना (शिंदे गुट) के कैंडिडेट संतोष शेट्टी की जीत तय मानी जा रही है। संतोष शेट्टी भिवंडी पूर्व क्षेत्र के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका हिंदुत्ववादी संगठनों के साथ-साथ अन्य धार्मिक संगठनों से भी अच्छा संबंध है। वे भाजपा के टिकट पर चार बार नगरसेवक के रूप में चुने गए।

2024 की विधानसभा चुनाव के लिए एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने संतोष शेट्टी को टिकट दिया है। संतोष शेट्टी भिवंडी पूर्व क्षेत्र के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका हिंदुत्ववादी संगठनों के साथ-साथ अन्य धार्मिक संगठनों से भी अच्छा संबंध रहा है।
कौन हैं संतोष शेट्टी?
संतोष शेट्टी इससे पहले भाजपा के टिकट पर चार बार नगरसेवक के रूप में चुने गए। 2014 में भाजपा ने उन्हें विधानसभा का टिकट दिया था, लेकिन शिवसेना के उम्मीदवार रुपेश म्हात्रे ने उन्हें 4 हजार वोटों से हराया था। 2019 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के रईस शेख ने केवल 17 दिन प्रचार करके शिवसेना के रुपेश म्हात्रे को मात्र 1300 वोटों से हराया। इस चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे संतोष शेट्टी तीसरे स्थान पर रहे।
शेट्टी अनुभवी शिवसैनिक
2024 के विधानसभा चुनाव के लिए शिवसेना, भाजपा और राष्ट्रवादी की महायुति है। इस गठबंधन में यह निर्वाचन क्षेत्र शिवसेना को मिला। भाजपा के चार बार नगरसेवक रहे संतोष शेट्टी ने श्रीकांत शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में प्रवेश किया और उन्हें विधानसभा की उम्मीदवारी भी घोषित की गई। समाज के सभी स्तरों पर किया गया काम और मदद के लिए 24 घंटे तैयार रहने की तत्परता संतोष शेट्टी की विशेषताएं हैं। साथ ही, उन्हें चार बार नगरसेवक पद का लंबा अनुभव भी है। उनके दृष्टिकोण से ये उनकी मजबूत पक्ष हैं।
लाडली बहन योजना, आयुष्मान भारत का शिंदे सरकार में प्रभावी कार्यान्वयन
भिवंडी पूर्व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र शिवसेना या भाजपा दोनों पार्टियों के कब्जे में नहीं होते हुए भी मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना का प्रभावी कार्यान्वयन यहां किया गया। इसके कारण मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के प्रति विशेषकर महिला वर्ग में अपनापन की भावना उत्पन्न हुई है। इस योजना को लेकर मुस्लिम समाज की महिलाएं भी शिवसेना और एकनाथ शिंदे की सराहना कर रही हैं।
वहीं गरीबों को महंगे इलाज बहुत सस्ते में उपलब्ध कराने वाली आयुष्मान भारत योजना का कार्यान्वयन भी पूरे भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में प्रभावी रूप से किया गया है। विभिन्न वर्गों और समाज के घटकों के परिवारों ने इसका लाभ उठाया है, जिसमें विशेष रूप से मुस्लिम, मराठी और तेलुगु शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत इस समाज के नागरिकों ने बड़े पैमाने पर पंजीकरण किया है।
सड़कों के काम की शुरुआत
पिछले महीने पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड स्कूल का उद्घाटन भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका की ओर से किया गया। लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना इस डिजिटल स्कूल का उद्देश्य है। भिवंडी शहर की शिक्षा व्यवस्था में यह एक क्रांतिकारी बदलाव है और शहरवासियों की ओर से इस पहल की विशेष सराहना की जा रही है। हालांकि, भिवंडी शहर की कई सड़कों की स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं थी, लेकिन कई सड़कों का काम महायुती सरकार के समय शुरू किया गया है। नागाव, गैबी नगर और कचेरी पाड़ा की सड़कों में काफी सुधार हुआ है।












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