Maharashtra Elections: महायुति को पटखनी देने के लिए MVA का प्लान तैयार! वादों के गुलदस्ते में क्या है?
Maharashtra Chunav 2024: महा विकास अघाड़ी (MVA) बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर सकता है। सत्ताधारी महायुति की ओर से चुनावों से पहले ही कई लोक-लुभावन योजनाएं लागू की गई हैं। इसलिए, तय है कि चुनावी रेवड़ियों का एक और बहुत बड़ा पिटारा एमवीए की ओर से भी खुल सकता है।
सूत्रों की मानें तो केंद्र के स्तर पर इंडिया ब्लॉक या महाराष्ट्र में एमवीए कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की ओर से लागू की गई चुनावी गारंटियों की तरह ही कुछ कल्याणकारी योजनाओं का वादा कर सकती है।

एमवीए के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में खुलेगा वादों का पिटारा!
विपक्ष इस मौके को विशाल बनाना चाहता है, इसलिए संभावना है कि बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। उनके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे और एनसीपी (शरदचंद पवार) के सुप्रीमो शरद पवार भी उपस्थित रहेंगे।
'माझी लाडकी बहीण' योजना की काट लाने की तैयारी!
महाराष्ट्र में विपक्ष के सामने इसबार चुनौती ये है कि सत्ताधारी गठबंधन ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण' जैसी लोकप्रिय योजना लागू करके इनका टास्क बढ़ा दिया है। इस साल जुलाई में लॉन्च की गई इस योजना का लाभ राज्य की 2.34 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलने भी लगा है।
इसके तहत प्रत्येक लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपए दिए जा रहे हैं। झारखंड में भी इसी तरह से जेएमएम की अगुवाई वाली सरकार की ओर से आनन-फानन में लागू की गई 'मैया सम्मान योजना' से भी लाभ मिलने की उम्मीद में वहां भी इंडिया ब्लॉक बैठा हुआ है।
'गृह लक्ष्मी योजना' जैसी स्कीम पर लग सकता है दांव
सूत्रों का कहना है कि एमवीए जिन कल्याणकारी योजनाओं का वादा करने की तैयारी में है, उनमें 'लाडकी बहीण योजना' की जगह कर्नाटक की तरह की 'गृह लक्ष्मी योजना' जैसी स्कीम हो सकती है। इस योजना के तहत कांग्रेस सरकार वहां घर की मुख्य महिला के खाते में हर महीने 2,000 रुपए डालती है।
जाति जनगणना का भी किया जा सकता है वादा
इसके अलावा किसानों के लिए ऋण माफी भी विपक्ष के चुनावी वादों के पिटारे में शामिल होने की संभावना है। वहीं कांग्रेस ने राजस्थान में स्वास्थ्य बीमा के लिए 25 लाख रुपए की जो चिरंजीवी योजना की पहल की थी, उसी तरह के किसी मुफ्त हेल्थ इंश्योरेंस का वादा भी इन गारंटियों में शामिल होने की उम्मीद है। इसके साथ ही एमवीए की ओर से महाराष्ट्र में जातिगत जनगणना करवाने का भी वादा किया जा सकता है।
खड़गे के बयान से बैकफुट पर है कांग्रेस!
वैसे बता दें कि चुनावी रेवड़ियों पर सोच-समझकर वादे करने की बात कहकर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे खुद ही पार्टी की सरकारों को सवालों के घेरे में ला चुके हैं। कर्नाटक में जबसे कांग्रेस सरकार ने पांच गारंटियां लागू की हैं, वहां सरकार के अंदर से ही इसके जारी रख पाने को लेकर तरह-तरह के प्रश्न उठ चुके हैं।
इसमें महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा वाली 'शक्ति' योजना पर तो शुरू से ही संकट के बादल मंडरा रहे हैं। महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी।












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