Maharashtra: कोल्हापुर की शिलेदार सीट पर हैट्रिक लगाने को तैयार प्रकाश आबिटकर, पक्ष में चुनावी समीकरण
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ गई है। इस बीच चुनावी समीकरणों पर भी चर्चा तेज है। कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, बीजेपी समेत सभी राजनीतिक दलों के नेता, पार्टी कार्यकर्ता चुनावी अभियान में जुटे हैं। इस बीच अगर बात राधानगरी भुदरगड और आजरा इन निर्वाचन क्षेत्रों की करें तो यहां पिछले एक दशक से कांग्रेस का दबदबा रहा है। इस बार कोल्हापुर की शिलेदार सीट कांग्रेस फिर से प्रकाश अबिटकर को मौका दिया है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ गई है। इस बीच चुनावी समीकरणों पर भी चर्चा तेज है। कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, बीजेपी समेत सभी राजनीतिक दलों के नेता, पार्टी कार्यकर्ता चुनावी अभियान में जुटे हैं। इस बीच अगर बात राधानगरी भुदरगड और आजरा इन निर्वाचन क्षेत्रों की करें तो यहां पिछले एक दशक से कांग्रेस का दबदबा रहा है। इस बार कोल्हापुर की शिलेदार सीट कांग्रेस फिर से प्रकाश अबिटकर को मौका दिया है।

राधानगरी आजरा भुदरगड निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना की अपनी ताकत बन गई है। जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी दोनों पार्टियां आपसी गुटबाजी से परेशान हैं। विरोधियों की नाराजगी के बीच प्रकाश आबिटकर यहां एक मजबूत शिवसेना नेता बनकर उभरे। प्रकाश आबिटकर बड़े मतों से लगातार तीसरी बार विधानसभा में जाएंगे। ऐसा दावा कोल्हापुर जिले के राजनीतिक हलकों में राजनीतिक जानकारों द्वारा किया जा रहा है।
चुनावी समीकरण
राधानगरी भुदरगड और आजरा इन निर्वाचन क्षेत्रों पर मुख्यतः कांग्रेस का दबदबा रहा है। इस निर्वाचन क्षेत्र ने किसान कामगार पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रवादी को बारी-बारी से समर्थन दिया। शिवसेना ने बार-बार प्रयास करने के बावजूद इस निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना उम्मीदवार की दौड़ कभी भी दस से बारह हजार के पार नहीं जा सकी। लेकिन प्रकाश आबिटकर के रूप में इस निर्वाचन क्षेत्र पर पहली बार शिवसेना का भगवा झंडा लहराया।
2014 और 2019 में लगातार दो बार जीत हासिल कर उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र पर अपनी पकड़ बनाए रखी। राष्ट्रवादी कांग्रेस के के पी पाटिल इस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दो बार चुने गए थे। उनका पराजय करके प्रकाश अबिटकर ने इस निर्वाचन क्षेत्र को जीत लिया। 2009 में पहली बार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे प्रकाश अबिटकर को 36 हजार वोट मिले थे, लेकिन अपने संगठन कौशल के बल पर उन्होंने 2014 में विजयश्री हासिल की। और 2019 में भी यह विजयश्री कायम रखी।
आबिटकर का अनुभव
कोल्हापुर जिला बैंक को राज्य के सहकारी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थापना माना जाता है। इस बैंक में प्रकाश आबिटकर निदेशक के रूप में चुने गए हैं और गोकुल जैसी प्रसिद्ध दूध उत्पादक संस्था में भी उन्होंने निदेशक पद संभाला है। इसलिए सहकार क्षेत्र की बारीकियों की उन्हें अच्छी जानकारी है। कोल्हापुर में अपने राजनीतिक अनुभव का अपने राधानगरी निर्वाचन क्षेत्र को राज्य सरकार के माध्यम से लाभ दिलाने का प्रयास प्रकाश आबिटकर ने किया।
कृषि और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना
प्रकाश आबिटकर के प्रयासों से श्री आनंदराव अबिटकर कृषि और इंजीनियरिंग कॉलेज की गारगोटी में स्थापना की गई है, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा के लिए अपने गांव के पास ही अवसर प्राप्त हुआ है। उनके निर्वाचन क्षेत्र के खानापुर ग्राम पंचायत में डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर आदर्श प्रशाला की नई स्कूल इमारत के लिए डेढ़ करोड़ रुपये मंजूर कराने में प्रकाश आबिटकर का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अलावा, गारगोटी ग्राम पंचायत में उनके प्रयासों से आंबेडकर भवन का निर्माण किया गया है।
उपजिला अस्पताल की स्थापना
राधानगरी आजरा और भुदरगड एक ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र है। सहकार का इस निर्वाचन क्षेत्र पर अच्छा प्रभाव है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां चिकित्सा सुविधाओं की कुछ कमी है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रकाश आबिटकर ने कसबा तारळे में उपजिला अस्पताल का निर्माण कराया। राज्य सरकार ने इस उपजिला अस्पताल के लिए 23 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की है।
सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता
प्रकाश आबिटकर का निर्वाचन क्षेत्र एक कृषि प्रधान क्षेत्र है। इसलिए खेती, सिंचाई और सहकारिता जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाती है। प्रकाश आबिटकर ने मुदाळते मिनचे नामक 17 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण के लिए प्रयास किए हैं। यह 24 करोड़ रुपये की परियोजना है, जिससे निर्वाचन क्षेत्र के 3000 से अधिक किसानों को लाभ होगा। यहां भुदरगड समूह में आबिटकर के प्रयासों से मेघोली बांध का निर्माण किया गया है, जिसके लिए 44 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। निर्वाचन क्षेत्र के बीस हजार से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। आबिटकर के प्रयासों से सोनवडे शिवडाव घाट सड़क पूरी की गई है। इस परियोजना पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस सड़क से चार हजार से अधिक स्थानीय लोगों की सुविधा होगी।












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