Maharashtra CM देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को दिया एक और तगड़ा झटका, लिया ये फैसला
Maharashtra News: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने वाले महायुति गठबंधन में एक बार फिर दरार पड़ती नजर आ रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही कोल्ड वॉर के बीच फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को एक और तगड़ा झटका दिया है।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नीति आयोग की तर्ज पर स्थापित किए गए इंफॉर्मेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन मित्र संस्था की स्थापना की गई थी और राज्य की पिछली सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बिल्डर अजय अशर को संस्था का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। जिन्हें सीएम फडणवीस ने मित्र संस्था के नियमित बोर्ड से निकाल बाहर किया है।

बता दें सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की सत्ता संभालने के बाद कई ऐसे फैसले किए हैं जिससे एकनाथ शिंदे और उनकी शिवसेना नाराज चल रही है और महायुति में दरारें आने की खबरें आ रही हैं। हालांकि एक सप्ताह पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री ए कनाथ शिंदे ने संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस कर दावा किया था कि हम दोनों के बीच कोई भी कोल्ड वॉर नहीं चल रही है। वहीं अब मित्र संस्था से अजय अशर को हटाए जाने के फैसले ने एक बार फिर एकनाथ शिंदे को नाराज कर दिया है।
कौन हैं अजय अशर
अजय अशर ठाणे के जाने-माने बिल्डर हैं ओर किसान नगर इलाके में कई निर्माण प्रोजेक्ट में शामिल रह चुके हैं, ये क्षेत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विधानसभा क्षेत्र में आता है। अशर को पूर्व कांग्रेस पार्षद मनोज शिंदे का करीबी माना जाता था।
एकनाथ शिंदे के करीबी अजय अशर
एकनाथ शिंदे की राजनीतिक यात्रा ने वर्ष 2000 शुरू हुई। दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे के समर्थन से शिवसेना में सक्रिय हो गए। जैसे-जैसे एकनाथ शिंदे का कद बढ़ता गया अजय अशर से उनकी निकटता बढ़ती गई, जिसके चलते ठाणे में पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता हासिल करने में अशर का पक्ष लिया गया।
शिंदे ने नियुक्त किया फडणवीस ने किया आउट
महाराष्ट्र की पहली महायुति सरकार में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद एकनाथ शिंदे ने अजय अशर को मित्र संस्था का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। हालांकि, महायुति सरकार के गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे के बीच अनबन की अटकलें लगाई जा रही थीं। वहीं अब फडणवीस सरकार ने अब अजय अशर को मित्र संस्था के बोर्ड से हटा दिया है, और शिंदे के कार्यकाल के दौरान लिए गए कुछ प्रमुख निर्णयों को उलट दिया जा रहा है।
मित्र संस्था में फडणवीस ने इन दिग्गजों को किया शामिल
अजय अशर को हटाए जाने के बाद दिलीप वाल्से पाटिल, राणा जगजीतसिंह पाटिल और राजेश क्षीरसागर को मित्र संस्था का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियां भी की गई हैं।
फडणवीस के इन फैसलों ने बढ़ाई एकनाथ शिंदे की नाराजगी
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पुनर्गठन में शिंदे को शामिल नहीं किया, जबकि एनसीपी नेता अजित पवार को जगह दी गई।
- फडणवीस ने जालना में 900 करोड़ की एक बड़ी परियोजना को रोक दिया, जिसे शिंदे सरकार ने मंजूरी दी थी।
- शिंदे गुट के मंत्रियों ने अपने कार्यालयों में निजी सहायकों (पीए) और विशेष कार्य अधिकारियों (ओएसडी) की नियुक्तियों में जानबूझकर देरी करने की शिकायत की है, जिससे प्रशासनिक काम में बाधा आ रही है।
- एकनाथ शिंदे ने रायगढ़ के संरक्षक मंत्री पद पर अपना अधिकार जताया, लेकिन शिंदे के मंत्री भरतशेठ गोगावाले की जगह एनसीपी की अदिति तटकरे को यह जिम्मेदारी दी गई। बाद में इस फैसले पर रोक लगा दी गई।
- फडणवीस की बैठकों में शिंदे की लगातार अनुपस्थिति देखी गई है, जिसमें कैबिनेट की बैठकें भी शामिल हैं, जो दोनों नेताओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत है।












Click it and Unblock the Notifications