Maharashtra Chunav: क्या देवड़ा से बहस से भाग रहे हैं आदित्य ठाकरे, वर्ली में क्यों घिरे रहे उद्धव के बेटे?
Maharashtra Chunav 2024:शिवसेना सांसद और मुंबई की वर्ली विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा ने आरोप लगाया है कि आदित्य ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) सार्वजनिक बहस से भाग रही है। यही नहीं, उनहोंने इनपर चुनाव में अनैतिक गतिविधियां अपनाने का भी आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य इस सीट से सीटिंग विधायक हैं और उनके खिलाफ सीएम एकनाथ शिंदे ने मिलिंद देवड़ा को उतारकर यहां मुकाबले को काफी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
मिलिंद देवड़ा ने सवाल किया है, 'कुछ दिनों पहले मैंने आदित्य ठाकरे को मुंबई में वर्ली और पूरे महाराष्ट्र के भविष्य को लेकर बहस के लिए आमंत्रित किया था। वे अक्सर लोकतंत्र की मजबूती की बात करते हैं और चुनावों के दौरान बहस की आवश्यकता पर जोर देते हैं। इसलिए, अब वह बहस से क्यों बच रहे हैं?'

बहस से भाग रहे हैं आदित्य ठाकरे-मिलिंद देवड़ा
देवड़ा ने शिवसेना (यूबीटी) नेता पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटने और सोसाइटीज में कैमरे लगाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'उनकी पार्टी का एक नेता वोट खरीदने के लिए कैमरा देने की बात कबूल करते हुए वीडियो में नजर आ चुका है। उनका दावा है कि चुनाव आचार संहिता की वजह से वह इस नेता का नाम नहीं ले सकते।'
अपने एक पुराने दावे को लेकर घिरे आदित्य ठाकरे?
ठाकरे को बहस की चुनौती देने के लिए देवड़ा ने लोकसभा चुनावों के दौरान उनके एक एक्स पोस्ट का हवाला दिया है। इसमें उन्होंने कहा था, 'जो इंसान विरोधी उम्मीदवारों के साथ खुली बहस से डरता है, वह किसी भी सार्वजनिक मंच पर रहने के लायक नहीं है।'
इसी पर देवड़ा ने कहा है,'2024 में लोकसभा चुनावों के दौरान आपने कहा था कि जो लोग प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के साथ खुली बहस से डरता है,वह सार्वजनिक मंच पर भी बहस के लायक नहीं हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने पसंद के किसी पत्रकार को चुनें और एमवीए के ट्रैक रिकॉर्ड और महायुति के ट्रैक रिकॉर्ड पर एक बहस करें। मुंबई के वर्ली और महाराष्ट्र का एमवीए विजन बनाम महायुति का मुंबई के वर्ली और महाराष्ट्र के लिए विजन।'
ठाकरे पर 'स्पीड ब्रेकर पॉलिटिक्स'करने का लगा चुके हैं आरोप
इससे पहले वर्ली में आदित्य ठाकरे के खिलाफ चुनाव लड़ने को वे 'राजनीतिक लड़ाई' बता चुके हैं और उनपर ये भी आरोप लगा चुके हैं कि ठाकरे मुंबई और महाराष्ट्र में विकास कार्यों को रोकने के लिए 'स्पीड ब्रेकर पॉलिटिक्स' कर रहे हैं।
वर्ली में शिंदे सेना बनाम उद्धव सेना
पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा इसी साल जनवरी में कांग्रेस छोड़कर शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए थे और पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का सांसद बना दिया। वर्ली सीट को शिवसेना (यूबीटी) का गढ़ माना जाता है,इसलिए शिंदे ने उन्हें यहां से उतारकर ठाकरे की राह मुश्किल कर दी है। 2019 के विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे ने यहां आसान जीत दर्ज की थी।
देवड़ा की उम्मीदवारी की वजह से इस सीट पर शिंदे सेना बनाम ठाकरे सेना की लड़ाई बन चुकी है।
इससे पहले एक इंटरव्यू में देवड़ा ने आदित्य ठाकरे और विपक्ष पर भय की मनोवृत्ति को बढ़ाना देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा,'उनकी एक विशेष तरह की स्पीड ब्रेकर मानसिकता है, जहां हर खास मुद्दे पर वे सिर्फ स्पीड ब्रेकर लगाना चाहते हैं और डर फैलाना चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 10 वर्षों में सिर्फ यही किया है।












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