Maharashtra Cabinet Expansion: क्या पोर्टफोलियो आवंटन से नाखुश हैं एकनाथ शिंदे? फडणवीस के साथ नहीं गए दिल्ली
Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रतिनिधित्व में महायुति सरकार का गठन हो गया है लेकिन अभी मंत्रीमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। हालांकि दावा किया जा रहा है महायुति गठबंधन में पॉवर शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार मंत्रीमंडल के विस्तार फॉर्मूले पर फाइनल स्वीकृति के लिए गृह मंत्री अमित शाह के पास बुधवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं।
हालांकि महायुति सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ एकनाथ शिंदे दिल्ली नहीं गए हैं। मंत्रीमंडल विस्तार से संबंधी इतनी अहम बैठक में शिंदे के ना जाने पर सवाल उठ रहा है कि क्या वो नाखुश हैं?

बता दें एकनाथ शिंदे महायुति सरकार के गठन से पहले से ही गृह मंत्रालय समेत अन्य अहम मंत्रालय की डिमांड कर रहे हैं। वहीं अब जब मंत्रीमंडल का विस्तार लगभग फाइलन हो चुका है तो माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे कथित तौर पर प्रमुख विभागों के आवंटन से नाराज हैं। शिंदे ने प्रमुख कैबिनेट विभागों के वितरण पर असंतोष व्यक्त किया है। जिसके कारण महायुति में कैबिनेट विस्तार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिंदे का असंतोष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा गृह विभाग को अपने पास रखे जाने की संभावना के कारण उपजा है, जिस पर शिंदे शपथ ग्रहण के बाद से ही नजर गड़ाए हुए थे
मंत्रीमंडल विस्तार में किस पार्टी को मिलेगा सबसे मंत्री पद?
132 विधायकों वाली सबसे पार्टी के तौर पर भाजपा को 20 विभागों पर नियंत्रण की उम्मीद है। वहीं शिवसेना और एनसीपी को दस-दस मंत्रालय मिलने की उम्मीद है। जिसमें गृह मंत्रायल भाजप अपने पास रखेगी। वहीं शिंदे के गुट को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और शहरी विकास (यूडी) दिया जा सकता है। वहीं अजित पवार को वित्त विभाग मिलने की बात सामने आई है।
कब होगा कैबिनेट विस्तार?
बता दें 14 दिसंबर को महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार की संभावना है। जिसमें भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से बनी गठबंधन सरकार द्वारा मंत्रालय में विभागों का बंटवारा किया जाएगा और निर्वाचित विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे।
क्या शिवसेना का प्रभाव कम करना चाह रही भाजपा?
सूत्रों के अनसुार एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने कथित तौर पर भाजपा पर सरकार के भीतर उनकी पार्टी के प्रभाव को कम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। विशेष रूप से एकनाथ शिंदे को गृह मंत्रालय देने से इनकार करके और राजस्व, उद्योग और आवास विभागों की मांगों को स्वीकार न करके, शिवसेना का प्रभाव कम करने का प्रयास कर रही है।












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