Maharashtra Chunav: महिलाओं पर टिप्पणी से भड़की शिवसेना उम्मीदवार शाइना एनसी, कहा-'हम बकरी या माल नहीं'
Maharashtra Assembly Elections 2024: शिवसेना (यूबीटी) नेता सुनील राउत द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान शिवसेना शिंदे गुट की महिला उम्मीदवार सुवर्णा करंजे को बकरी कहने पर बवाल मच गया है। महाराष्ट्र की महिलाओं के प्रति इस अपमानजनक टिप्पणी की तीखी आलोचना करते हुए भाजपा नेता और मुंबा देवी सीट से शिवसेना की उम्मीदवार शाइना एनसी ने राउत के बयान की कड़ी निंदा की है और महाराष्ट्र की महिलाओं से इस तरह की भाषा के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया है।
शाइना एनसी ने इस टिप्पणी को प्रतिगामी करार देते हुए प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं के प्रति प्रदर्शित सम्मान और मुख्यमंत्री की लाडली बहन योजना का हवाला देकर मौजूदा नेतृत्व के सकारात्मक दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं का सशक्तिकरण आज की प्राथमिकता है और ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों की राजनीति में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने जताई निराशा
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व प्रमुख रेखा शर्मा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनीतिक नेताओं द्वारा महिला उम्मीदवारों पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली इस तरह की घटनाएं राजनीति में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती हैं। शर्मा की टिप्पणी से यह साफ है कि राजनीति में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार और उनके प्रति दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता है।
कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल
शाइना एनसी ने कांग्रेस पार्टी और प्रियंका गांधी की इस मामले पर चुप्पी को लेकर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर अपने सहयोगी दल के नेता के इस तरह के बयान की निंदा न करने का आरोप लगाया और इसे महिलाओं के प्रति अनादरपूर्ण व्यवहार के प्रति कांग्रेस के रवैये का प्रतीक बताया। शाइना एनसी ने कहा कि हम बकरी नहीं हैं। हम माल नहीं हैं। हम महाराष्ट्र की बेटियां हैं और हम 20 नवंबर को इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
सुनील राउत पर FIR दर्ज
इस विवादास्पद टिप्पणी के बाद सुनील राउत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 79, 351(2) और 356(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं। राउत विक्रोली विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट उन्होंने 2014 और 2019 के चुनावों में जीती थी। उनके बयान ने विक्रोली और आसपास के क्षेत्रों में विवाद को हवा दी है और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार पर जोर देते हुए समाज में एक महत्वपूर्ण मुद्दा खड़ा किया है।
राजनीतिक माहौल में गरिमापूर्ण संवाद की मांग
सुनील राउत की टिप्पणी के खिलाफ कानूनी और सार्वजनिक प्रतिक्रिया ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की आवश्यकता को उजागर किया है। इस घटना ने राजनीति में महिलाओं के खिलाफ लिंग-आधारित अपमान के प्रति बढ़ती असहिष्णुता को स्पष्ट किया है और राजनीतिक संवाद में गरिमा बनाए रखने की मांग को और बल दिया है।
"We are not Bakris, maals..." Shaina NC slams Sunil Rauts "insensitive commentary"
Read @ANI Story | https://t.co/ldImNvR2CY#ShainaNC #SunilRaut pic.twitter.com/a7aY4EqxEB
— ANI Digital (@ani_digital) November 5, 2024
सुनील राउत की टिप्पणियों पर यह विवाद न केवल महिला सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करता है। बल्कि भविष्य में राजनीति में महिलाओं के प्रति अधिक सम्मानजनक व्यवहार की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव की संभावना भी प्रस्तुत करता है।












Click it and Unblock the Notifications