Maharashtra Chunav: सुनील के खिलाफ FIR पर बोले संजय राउत, कहा-'हम डरेंगे नहीं, 23 नवंबर के बाद करेंगे हिसाब'

Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपने भाई सुनील राउत के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे चुनावी राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि रहने दो, सिर्फ केस दर्ज हुआ है। चुनाव के दौरान हमारे खिलाफ फर्जी केस दर्ज किए जाएंगे और हमें भी जेल भेजा जाएगा। लेकिन हम इन सब से डरने वाले नहीं हैं।

संजय राउत ने अपने बयान में यह साफ किया कि पार्टी और उनके समर्थक इन रणनीतियों से विचलित नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम 23 नवंबर के बाद उनका हिसाब पूरा कर देंगे। राउत के इस बयान से यह साफ है कि वे इस एफआईआर को चुनावी साजिश मानते हैं और इसे चुनौती देने के लिए दृढ़ हैं।

sanjay raut

संजय राउत के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। शिवसेना (यूबीटी) और विरोधी दलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। चुनावी माहौल में इस घटना ने नया विवाद पैदा कर दिया है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 2024 के चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता सुनील राउत की एक टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया। अपने एक बयान में सुनील राउत ने एकनाथ शिंदे गुट की उम्मीदवार सुवर्णा करंजे को बलि का बकरा बताते हुए कहा कि 20 नवंबर को उन्हें मार दिया जाना चाहिए। इस बयान के कारण करंजे ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक मानते हुए सुनील राउत के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुनील राउत के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। इससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है।

यह विवाद सुनील राउत तक ही सीमित नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत पर भी मुंबा देवी सीट से अपनी प्रतिद्वंद्वी शाइना एनसी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। सावंत ने शाइना को अस्वीकृत कहकर संबोधित किया। जिससे नाराज होकर शाइना एनसी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालांकि सावंत ने 2 नवंबर को सार्वजनिक माफी मांगते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और उनका किसी महिला का अपमान करने का इरादा नहीं था।

सुनील राउत की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं

विक्रोली से दो बार विधायक रह चुके सुनील राउत को आगामी चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) से समर्थन मिला है। राउत की महत्वाकांक्षाएं केवल विधायक बनने तक सीमित नहीं हैं। वे मंत्री पद के इच्छुक हैं। करंजे के लिए बलि का बकरा कहने का उनका बयान इसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में आया है। क्योंकि करंजे आगामी चुनाव में उनके खिलाफ खड़ी हैं।

राजनीतिक बयानबाजी में गिरावट

महाराष्ट्र में 288 सीटों के लिए कुल 4140 उम्मीदवार मैदान में हैं। जो इस चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बना रहा है। हालांकि इस चुनावी जंग में मौखिक आदान-प्रदान शालीनता की सीमाओं को पार कर रहा है। जो नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी की व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। जनता की नजर इस पर है कि नेता और पार्टियां आक्रामक प्रचार और सम्मानजनक संवाद के बीच किस प्रकार संतुलन बनाते हैं।

महाराष्ट्र चुनाव 2024 की तैयारियां विवादों के बीच हो रही हैं। खासकर महिला उम्मीदवारों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के संदर्भ में। इन घटनाओं के बाद कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी मांगी गई है। जो इस बात पर जोर देती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शालीन संवाद और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

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