Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र में महायुति सरकार की शैक्षिक सुधार योजनाएं, छात्रों के भविष्य के लिए बड़ा कदम
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने ढाई साल के अंदर शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार किए हैं। जिससे राज्य के छात्रों के लिए शैक्षणिक परिदृश्य में एक बड़ी बदलाव की शुरुआत हुई है। सरकार की छह प्रमुख योजनाओं के तहत छात्रों को वित्तीय सहायता, यात्रा सुविधा और अन्य शैक्षिक लाभ दिए गए हैं।
राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति योजना
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफ कर रही है। जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम है। वहीं 2.5 से 8 लाख आय वर्ग के छात्रों को 50 प्रतिशत फीस माफी का लाभ दिया गया है। सरकार ने दो कार्यकालों में इस योजना के लिए क्रमशः 1095 करोड़ और 1182 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

अहिल्याबाई होल्कर योजना
इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में 5वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा दी जा रही है। इससे 24 लाख छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। जो पिछले 19.54 लाख से बढ़कर अधिक हो गया है। इसके अलावा इस योजना में तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए 66.67 प्रतिशत यात्रा छूट भी प्रदान की गई है।
कौशल सेतु अभियान योजना
इस योजना का उद्देश्य उन छात्रों की सहायता करना है जिन्होंने 10वीं कक्षा पास नहीं की है। इन छात्रों को 111 निर्दिष्ट केंद्रों में प्रशिक्षण के लिए 66.67% यात्रा छूट दी जा रही है, जिससे 25 हजार से एक लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
टैपटिप शौचालय योजना
महिला छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए महायुति सरकार ने स्कूलों में टैपटिप शौचालयों का निर्माण किया है। जिससे 99.7 प्रतिशत कवरेज प्राप्त हुआ है। यह योजना महिला छात्रों के ड्रॉपआउट दर को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
स्वाधार योजना
इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध छात्रों को आवास, भोजन और शैक्षिक सुविधा के लिए प्रत्यक्ष सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 2022-2024 की अवधि में इस योजना के तहत 92,388 छात्रों को 492.8 करोड़ रुपए का लाभ मिला है।
पंडित दीन दयाल स्वयं योजना
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह योजना आवास और भोजन भत्ते के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे 44,867 छात्रों को लाभान्वित किया गया है। इस योजना पर सरकार द्वारा 250.53 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से महायुति सरकार ने महाराष्ट्र में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करते हुए एक न्यायसंगत और समावेशी शिक्षा प्रणाली स्थापित करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। जो राज्य के विकास में योगदान करती है।












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