बगावत करने वाले कांग्रेस के 6 विधायकों के खिलाफ क्या होगी कानूनी कार्रवाई? सामने आई अहम जानकारी
हिमाचल के विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत कांग्रेस के संसदीय कार्य मंत्री ने एक याचिका दी थी। जिस पर 6 विधायकों को नोटिस भेजा गया है। मामले में स्पीकर ने कहा कि याचिका पर सुनावाई अभी पूरी नहीं हुई है। वहीं निलंबित विधायकों के वकील वकील सत्यपाल जैन ने स्पीकर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन बताया है।
राज्यसभा चुनाव में हिमाचल के जिन 6 विधायकों ने भाजपा को वोट दिया उन्हें स्पीकर ने निलंबित कर दिया है। मामले में विधायकों को नोटिस पर वकील सत्यपाल जैन ने बताया कि एमएलए के अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई से पहले स्पीकर से नोटिस भेजा था, लेकिन किसी निलंबित एमएलए को नहीं मिला।

निलंबित एमएलए के वकील सत्यपाल जैन ने कहा, "हमने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे हमें याचिका और अनुलग्नकों की एक प्रति प्रदान करें और हमें अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दें। लेकिन इस पर अध्यक्ष ने कुछ भी टिप्पणी नहीं की है।"
एडवोकेट जैन ने बताया कि अध्यक्ष ने दलीलें सुनीं। मीडिया के सवालों को जवाब देते हुए जैन ने कहा, "मैंने उनसे कहा कि आप हमें मौका देना चाहिए, हम तथ्यों पर जवाब दाखिल करेंगे। मैंने कानून की स्थिति भी उनके संज्ञान में लाई और मैंने कहा कि आप अब एक न्यायाधीश के रूप में, एक न्यायाधिकरण के रूप में, एक न्यायिक न्यायाधिकरण के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमें समय दें। 2 दिन, 3 दिन, 4 दिन, जो भी आपको उचित लगे।"
अधिवक्ता सत्यपाल जैन ने कहा, अयोग्यता याचिका पर अध्यक्ष से दोनों पक्षों को सुना और अब उनका कहना है कि आदेश सुरक्षित रख लिया गया है। याचिका की प्रति हमें शाम 6.02 बजे दी गई। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन है।"












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