Laapataa Ladies: क्या है लापता लेडीज अभियान? जिसने महाराष्ट्र की शिंदे सरकार की खड़ी कर दी खटिया
Laapataa Ladies: किरण राव के निर्देशन में बनी फिल्म "लापता लेडीज़" हाल ही ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई। जिसके बाद इस फिल्म ने खूब सुर्खियां बटोरी। वहीं अब इस "लापता लेडीज़" की एंट्री महाराष्ट्र के चुनावी दंगल में हो चुकी है।
कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों की पोल खोलते हुए एक चुनावी अभियान शुरू किया है। जिसको फिल्म "लापता लेडीज़" दिया है। कांग्रेस के इस अभियान ने एकनाथ शिंदे सरकार और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की चुनाव से पहले धड़कन बढ़ा दी है। जानिए क्या है ये "लापता लेडीज़" अभियान?

दरअसल, राज्य में जगह-जगह "लापता लेडीज़" का पोस्टर चस्पा है, जो सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है। मराठी में लगे इस पोस्टर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की फोटो भी चस्पा है।

"लापता लेडीज़"
मराठी में लिखे इन पोस्टरों में ऊपर लिखा है "लापता लेडीज़" और उसी के ठीक नीचे लिखा है "एक साल में 64,000 महिलाएं लापता।" कांग्रेस ने ये दावा देवेंद्र फडणवीस के द्वारा अगस्त में विधानसभा में दिए गए बयान को आधार बनाकर कर किया है।
फडणवीस ने क्या विधानसभा में किया था ये खुलासा
देवेंद्र फडणवीस ने देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए खुलासा किया था कि महाराष्ट्र में प्रति वर्ष 64 हजार लड़कियां और महिलाएं लापता हो जाती हैं और 2019 से लेकर 2020 में कोविड महामारी के बीच ये संख्या समान ही थी
फडणवीस ने ये भी किया था खुलासा
देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि 2021 में 61 हजार ऐसे केस दर्ज किए गए, उनमें से 87 प्रतिशत मामलों में लापता लड़कियां और महिलाएं अपने घर लौट आई जबकि 2022 में लापता हुई 86 प्रतिशत लड़कियां वापस आ गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि हम इस प्रतिशत को कम करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं।
कांग्रेस ने चुनाव से पहले चली है ये चाल
हालांकि फडणवीस ने ये बयान महायुति सरकार की उपलब्धियां गिताने हुए दिया था। उन्होंने बताया था लापता हुई 87 प्रतिशत लड़कियों और महिलाओं की घर वापसी हो चुकी है लेकिन महाराष्ट्र चुनाव से पहले कांग्रेस ने महाराष्ट्र से 64 हजार महिलाएं लापत होने की बात को हाइलाइट करते हुए चुनाव से पहले शिंदे सरकार के खिलाफ अभियान चलाया है। ताकि माझी लड़की बहिन योजना से शिंदे सरकार को मिल रही लोकप्रियता को धूमिल किया जा सके।
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