Ketan Agrawal: 'शादी होने वाली नहीं', सिया का स्नैप चैट वायरल! अश्लील हरकत वाली बात पर पिता ने सुनाई नई कहानी
Ketan Agrawal: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं, पुलिस के मुताबिक कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके तथाकथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर की है। शुक्रवार को सिया और चेतन को रिमांड पूरी होने पर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां पर पुलिस ने कहा था कि 'इन दोनों के मोबाइल फोन से मिली जानकारी से पता चलता है कि दोनों कोड भाषा में बात करते थे।'
मालूम हो कि 20 साल की सिया गोयल और उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी ( 22 साल) 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं। तो वहीं अब सोशल मीडिया पर सिया गोयल की कथित स्नैपचैट बातचीत का एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसमें वो किसी दोस्त से कह ही है कि ये शादी कभी नहीं होगी।

'वो शादी जो कभी नहीं होगी', सिया ने किसको भेजा मैसेज?
जो मैसेज वायरल हो रहा है उसमें लिखा है कि 'आधार कार्ड का आगे और पीछे का फोटो भेज दे। शादी के टिकट के लिए, जो होने वाली नहीं है पर फिर भी भेज दे।' इस वायरल पोस्ट ने फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं, लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि क्या सिया अपने दोस्तों से कह चुकी थी कि वो केतन से शादी करने वाली नहीं है? ये कौन सा दोस्त है जिससे वो इस तरह की बातें कर रही है? सबसे अहम बात ये है कि आधार कार्ड की फोटो के लिए तो उसे अपने घरवालों से बात करनी चाहिए थी, ये दोस्त से क्यों मांग रही है?'
'मेरी बेटी ने नहीं किया कोई अश्लील इशारा', पिता प्रवीण गोयल ने दी सफाई
सिया की स्नैप चैट इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी है तो वहीं दूसरी ओर उसकी 'मिडिल फिंगर' वाले इशारे पर उसके पिता प्रवीण गोयल ने बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर इसे खारिज करते हुए कहा कि 'सिया कोई अश्लील इशारा नहीं कर रही थी, घर वैरिफिकेशन के लिए आते वक्त पुलिस की गाड़ी का दरवाज़ा गलती से सिया के हाथ पर लगने से उसकी उंगली में चोट लग गई थी, वो बस वो ही दिखा रही थी।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 'केतन अग्रवाल मर्डर केस से जुड़ी ऐसी कोई भी अनुचित हरकत नहीं हुई है। '

चेतन की गिरफ़्तारी गैर-कानूनी: वकील राधेशिक उत्तरवार
जबकि आरोपी चेतन के वकील राधेशिक उत्तरवार ने कहा कि, 'हमने एक अर्ज़ी दाखिल की है जिसमें कहा गया है कि चेतन की गिरफ़्तारी गैर-कानूनी है । हमने यह अर्ज़ी दो आधारों पर दाखिल की है, पहला यह कि पहली पुलिस रिमांड के दौरान हम चेतन से मिल नहीं पाए या उससे निर्देश नहीं ले पाए लेकिन 30 जून को उससे मिलने के बाद हमने चेतन से निर्देश लिए।'
'23 जून को शाम 4.30 बजे गिरफ़्तार नहीं किया गया'
'हमें पता चला कि उसे 23 जून को शाम 4.30 बजे गिरफ़्तार नहीं किया गया था, जैसा कि पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में दावा किया गया है बल्कि, उसे रात 12.15 बजे उसके घर से बिना वर्दी वाले पुलिसकर्मी ने उठाया था और पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय लाया गया था। अर्ज़ी में कहा है कि दोपहर 12.30 बजे FIR दर्ज होने से पहले गिरफ़्तारी के जो 12 घंटे थे, वे गैर-कानूनी हैं और इसलिए इस मामले में चेतन की पूरी गिरफ़्तारी और हिरासत गैर-कानूनी है।'

अदालत ने सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय: राधेशिक उत्तरवार
'हमने एक और अर्ज़ी भी दाखिल की है जिसमें अदालत से पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से CCTV फुटेज पेश करने और उसे सुरक्षित रखने का आदेश देने की मांग की गई है, अदालत ने सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय किया है।'














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