INDIA ALLIANCE: ममता बनर्जी बोलीं- 'खेला' शुरू हो गया है, लंबे समय तक नहीं चलेगी केंद्र की NDA सरकार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को मुंबई में मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी में पहुंची। इससे पहले उन्होंने इंडिया गठबंधन में शामिल एनसीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत अन्य साथियेां से मिली।
इस मुलाकात के बाद केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अस्थिर है और शायद अपना कार्यकाल पूरा न कर पाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा खेला शुरू हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वो उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के लिए प्रचार करेंगी।

ममता बनर्जी ने बांद्रा में ठाकरे के आवास मातोश्री में उद्धव ठाकरे के साथ की गई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने कहा "यह सरकार शायद आगे भी जारी न रहे। यह स्थिर सरकार नहीं है।
उन्होंने आगे कहा "खेल शुरू हो चुका है। यह जारी रहेगा।" तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (सपा) और शिवसेना (यूबीटी) विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं।
बता दें लोकसभा चुनाव के नतीजों के एक महीने से भी ज़्यादा समय बाद शुक्रवार को मुंबई की अपनी यात्रा के दौरानइंडिया ब्लॉक के दो प्रमुख नेताओं से मुलाक़ात की है।
इस मौके पर ममता बनर्जी ने एनडीए सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून लाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' घोषित करने का भी विरोध किया।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 1975-77 के आपातकाल का समर्थन नहीं करती है, जब नागरिकों के अधिकारों पर अंकुश लगाया गया था, राजनीतिक नेताओं को जेल में डाला गया था और मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई थी।
मुंबई में किन नेताओं से मिली ममता बनर्जी?
शुक्रवार को ममता बनर्जी ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार से अलग-अलग मुलाकात की।
नये कानूनों का विरोध
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त की, जो 1975 में आपातकाल की घोषणा के दिन ही मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान लगाए गए कठोर उपायों के समान ही कठोर उपाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देखे जा रहे हैं।
बनर्जी ने कहा तीन नए कानूनों - भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) पर विधेयक संसद में पेश किए जाने के समय किसी से सलाह नहीं ली गई। इन कानूनों ने क्रमशः भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली। उन्होंने बताया कि इन विधेयकों के पारित होने के समय कई सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, जिससे लोगों में इन नए संहिताओं को लेकर डर पैदा हो गया।












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