बिना वैक्सीनेशन नहीं मिलेगा पेट्रोल, गैस और राशन, औरंगाबाद में लागू हुआ नियम
औरंगाबाद, 10 नवम्बर। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला प्रशासन ने 100 प्रतिशत कोविड टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की एक भी खुराक अभी तक नहीं ली है उन्हें पेट्रोल, गैस या राशन नहीं मिलेगा। साथ ही उन्हें जिले के पर्यटन स्थलों में भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा और राज्य और जिले के भीतर ऐसे लोगों की यात्रा पर भी प्रतिबंध रहेगा।

औरंगाबाद जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर पर्यटन स्थलों पर स्थित होटल, रिजॉर्ट और दुकानों पर सभी कामगारों के लिए टीकाकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन का यह नौ नवंबर से प्रभावी कर दिया गया है।
26वें नंबर पर औरंगाबाद
कोविड के खिलाफ टीकाकरण के मामले में औरंगाबाद राज्य में 26वें नंबर पर है। जनपद में कोविड टीकाकरण की धीमी रफ्तार को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वहीं राज्य में टीकाकरण की धीमी गति पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी चिंता जताई है। सीएम ठाकरे ने अधिकारियों को 30 नवम्बर तक 30 नवम्बर तक टीकाकरण हासिल करने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण की औसत दर 74 प्रतिशत है। वहीं औरंगाबाद में योग्य आबादी के सिर्फ 55 प्रतिशत को ही कम से कम एक डोज लगाई गई है जबकि जिले की 23 प्रतिशत आबादी को ही वैक्सीन की दोनों डोज दी गई है। त्योहारी सीजन के बीच तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए टीकाकरण की रफ्तार तेज हो गई है।
पर्यटन स्थलों पर नो एंट्री
आदेश के अनुसार 18 वर्ष से अधिक उम्र के वे लोग जिन्होंने वैक्सीन की पहली डोज नहीं ली है या फिर जिन्होंने पात्र होने के बावजूद दूसरी खुराक नहीं ली है उन्हें बीबी का मकबरा, अजंता और एलोरा की गुफाएं, दौलताबाद का किला जैसे निजी प्रतिष्ठानों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।












Click it and Unblock the Notifications