मनी लॉन्ड्रिंग केस: समन के बावजूद ईडी ऑफिस नहीं पहुंचे अनिल देशमुख, वकीलों ने मांगी दूसरी तारीख
नई दिल्ली, 26 जून: मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के मुंबई और नागपुर स्थित घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद उन्हें समन जारी कर शनिवार को ईडी ऑफिस बुलाया गया, लेकिन वो नहीं पहुंचे। उनकी जगह पर ईडी ऑफिस पहुंचे उनके वकीलों ने नई तारीख की मांग की। साथ ही देशमुख की ओर से एक मांग पत्र अधिकारियों को सौंपा।

ईडी सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान देशमुख के घर से काफी कागजात जब्त किए गए। इसी संबंध में ईडी उनसे पूछताछ करना चाहती थी। छापेमारी के बाद ही ईडी ने देशमुख के निजी सचिव (पीएस) संजीव पलांडे और निजी सहायक (पीए) कुंदन शिंदे को भी गिरफ्तार किया था। वहीं कार्रवाई के बाद देशमुख ने कहा कि वो जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। जब ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे, तो उन्होंने परिसर में उनसे मुलाकात की। साथ ही उम्मीद जताई कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
बीजेपी के निशाने पर देशमुख
ईडी की कार्रवाई के बाद देशमुख फिर से बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने ट्वीट कर लिखा कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही है। जिसमें उनके पीए और पीएस को गिरफ्तार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही देशमुख भी सलाखों के पीछे होंगे।
ऐसे समझें पूरा मामला
दरअसल एंटीलिया केस में सचिन वाजे का नाम सामने आने के बाद मुंबई के तत्कालिक कमिश्नर परमबीर सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए। परमबीर के मुताबिक वाजे देशमुख का बहुत ही करीबी था। साथ ही वो वक्त-वक्त पर उनसे मिलने उनके घर जाया करता था। इसी दौरान देशमुख ने उसे एक प्लान बताया, जिसके तहत अगर मुंबई के सारे रेस्टोरेंट और बार से वसूली की जाए, तो 100 करोड़ तक का कलेक्शन हो सकता है। इसी 100 करोड़ की हेराफेरी के मामले में ईडी जांच कर रही है।












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